रिपोर्ट: शिव कुमार प्रजापति
आगरा: साल 2020 देश और दुनिया के लिए बेहद ही मनहूस साबित हुआ है। लेकिन 2021 आते ही लोगों को ऐसा लगने लगा कि अब शायद स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन अफसोस 3 महिनों से ज्यादा देश के कई राज्यों में लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया गया। एक बार फिर इसका असर व्यापारियों दिखा।
इसका जीता जागता सबूत हमारे पास उत्तर प्रदेश के आगरा में देखने को मिला। जहां 3 महीनों से बंद हुए ताजमहल की वजह से जो आसपास के व्यापारी हैं उनके लिए बहुत ही मुश्किल की घड़ी है। अनलॉक होने के बाद भी व्यापारी लोगों का जीवन अभी सकून में नहीं है।
इसकी वजह है ताजमहल का ना खुलना 3 महीनों से बंद पड़े ताजमहल की वजह से जो व्यापारी हैं उनका धंधा पूरी तरीके से ठप पड़ा हुआ है फिर चाहे हैंडीक्राफ्ट से जुड़े व्यापारी हों गाइड हो फोटोग्राफर हो या रेस्टोरेंट हो सभी लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ है।
यहां मौजूद लोगों ने RNI न्यूज़ पर अपना दुख बयां करते हुए बताया कि इन दोनों हमारे घरों की हालत भी बहुत बिगड़ी हुई है हम कर्ज ले लेकर अपना घर चला रहे हैं लोगों का कहना है कि ताजमहल ही हमारे जीवन का पालन पोषण करने का एक जरिया है क्योंकि हमारे पूर्वज बुजुर्ग यही काम करते हुए आए हैं तो हमें भी किसी काम का अनुभव है इसीलिए हम कोई और काम नहीं कर सकते और जो लोग ज्यादा मजबूर हो चुके हैं जिनके घर पर खाने तक के पैसे नहीं है वह लोग सब्जी की रेडी लगाकर अपना और अपने परिवार के जीवन का पालन पोषण कर रहे हैं हम शासन-प्रशासन से यह मांग करते हैं कि आप ताजमहल को खोल देना चाहिए जिसे हमारे धंधे दोबारा से चल सके।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग का क्या कहना है…
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के बसंत कुमार का कहना है कि 16 जून से ताजमहल को मिलाकर सभी स्मारक खोल दिए जाएंगे सभी में कोविड-19 का पालन महत्वपूर्णता के साथ किया जाएगा इससे व्यापारियों में कहीं ना कहीं उम्मीद की किरण जागी है की ताजमहल खुलेगा तो उनका व्यापार भी फिर से चलेगा और उनके परिवार का पालन पोषण अच्छे से हो सकेगा।