आठनेर सहित जिले में कई जगहों पर फसल हुई बर्बाद। मक्का के नुकसान से उबर नहीं पाए थे किसान कि गेहूं पर फिर प्रकृति का प्रहार। राहत और ऋण मोहलत की मांग तेज।
आठनेर सहित जिले में कई जगहों पर फसल हुई बर्बाद। मक्का के नुकसान से उबर नहीं पाए थे किसान कि गेहूं पर फिर प्रकृति का प्रहार। राहत और ऋण मोहलत की मांग तेज।
किसानों के सामने अब आर्थिक संकट गहरा गया है, क्योंकि उनकी पूरी मेहनत कुछ ही पलों में खराब हो गई।