पीड़िता को बाद में पता चला कि थाना प्रभारी का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं था और यह पूरी साजिश थी।
पीड़िता को बाद में पता चला कि थाना प्रभारी का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं था और यह पूरी साजिश थी।
किसानों के मामले में जीतू पटवारी ने सवाल किया कि मक्का का 2400 रुपए समर्थन मूल्य है, छिंदवाड़ा में 1500 में क्यों बिक रही है? सरकार ने 6000 रुपए सोयाबीन का मूल्य तय किया था क्यों नहीं खरीदी?