इसका असर यह हुआ है कि वर्ष 2025-26 की धान का केवल लगभग 5 प्रतिशत ही मिलिंग हो पाई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 60 प्रतिशत मिलिंग हो चुकी थी।
इसका असर यह हुआ है कि वर्ष 2025-26 की धान का केवल लगभग 5 प्रतिशत ही मिलिंग हो पाई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 60 प्रतिशत मिलिंग हो चुकी थी।