पीड़िता को बाद में पता चला कि थाना प्रभारी का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं था और यह पूरी साजिश थी।
पीड़िता को बाद में पता चला कि थाना प्रभारी का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं था और यह पूरी साजिश थी।
दो मजदूर किसी तरह कर्नाटक की फैक्ट्री से भागकर शिवपुरी पहुंचे, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। मजदूरों ने बताया कि फैक्ट्री में उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए थे। उन्हें ठीक से खाना नहीं दिया जा रहा था और न ही तय मजदूरी मिल रही थी। उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है।