श्री सिंघार ने कहा कि छोटे किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल बेच दी, क्योंकि सरकार ने समय पर खरीदी शुरू नहीं की। गुरुवार से जो खरीदी शुरू हुई है, वह भी कांग्रेस के दबाव में हुई है। उन्होंने कहा कि ₹400 प्रति क्विंटल का जो लाभ किसानों को मिलना था, उसमें बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है।
