1974 से नर्मदा वैली से सारा क्षेत्र सिंचाई और बाकी चीजों से समृद्ध हो सकता था लेकिन दुर्भाग्य से राजनीतिक उठापटक और सोच की कमी के कारण से योजना नहीं बन पाई। जो योजना 20 साल बन सकती थी वह नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री बनते ही अपने ही संसाधनों से सरदार सरोबर डैम पूरा किया और उसके बाद हमारे प्रदेश की भी धारा बदली।
