इस वर्ष विभाग ने परीक्षा परिणाम घोषित होने से एक माह पूर्व (22 जनवरी) ही पंजीकरण शुरू कर दिया। तकनीकी रूप से कोई भी छात्र बिना अपने प्राप्तांक जाने स्कूलों का सही चयन नहीं कर सकता। विभाग द्वारा 'परिणाम' से पहले 'काउंसलिंग' अनिवार्य करना पूरी तरह दोषपूर्ण है।
