आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने समय पर इलाज शुरू नहीं किया और मरीज को गंभीर हालत में छोड़कर निजी क्लीनिक चले गए। पीड़ित का कहना है कि आशा कार्यकर्ता ने डॉक्टर से मिलकर ऑपरेशन के नाम पर हजारों रुपये की मांग की। पैसे न देने पर महिला के ईलाज में लापरवाही की गई।
