मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह में शामिल सभी नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद प्रदान किया तथा उन्हें सप्रेम भेंट देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समारोह में शामिल सभी नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद प्रदान किया तथा उन्हें सप्रेम भेंट देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि पिंडदान करना उनके जीवन का सबसे कठिन निर्णय था। क्योंकि इसका अर्थ है अपने पुराने अस्तित्व और रिश्तों को पीछे छोड़ देना। उन्होंने कहा कि अब उनका जीवन धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित रहेगा।
पिछले 5 वर्षों से “एक दीप माई के नाम” प्रज्जवलित करने की परंपरा लगातार चली आ रही है, जिसे इस वर्ष भी भव्य रूप दिया जा रहा है। इस आयोजन में मंदिर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को स्वयं दीप जलाने का अवसर प्रदान किया जाएगा।