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तब्लीगी जमात ने कबूली अपनी काली साजिश, कोर्ट ने सुनाई सजा

By: RNI Hindi Desk 
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तब्लीगी जमात ने कबूली अपनी काली साजिश, कोर्ट ने सुनाई सजा

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: कोराना महामारी से पूरा विश्व दहल गया है, भारत भी कोरोना महामारी के दूसरे लहर के चपेट में है। शुरुआती दौर में कोरोना महामारी ने सबके मन में डर बैठा दिया था। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक-एक पल और एक-एक क्षण देशवासियों की जिंदगी बचाने में लग गये। पीएम मोदी महामारी के दौरान देश को संबोधित कर इसके बचाव और इस महामारी से जंग कैसे जीता जायेगा। इसके बारे में खुद बताने लगे। इसी बीच देश की राजधानी दिल्ली में तब्लीगी जमात के कुछ लोग आये, और सरकार द्वारा बनाये गये कोविड नियमों की उल्लंघन करने लगा।

तब्लीगी जमात द्वारा सरकार द्वारा बनाये गये कोविड नियमों की उल्लंघन करने और संक्रमण फैलाने का भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगया, तो इसपर राजनीति  तेज हो गई। बीजेपी द्वारा संक्रमण फैलाने का आरोप लगाने पर कंग्रेस समेंत अन्य दल तब्लीगी जमता के पक्ष में जाकर खड़े हो गये। जिसके मामला गंभीर हो गया।

आपको बता दें कि मामला न्यायालय में गया, न्यायालय ने इंडोनेशिया के 16 जमातियों समेत 21 जमातियों के खिलाफ अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने य़ह माना कि तब्लीगी जनात ने कोरोना महामारी का संक्रमण फैलाने, पासपोर्ट एवं विदेशी अधिनियम का दुरुपयोग किया है। सीजेएम यशपाल सिंह लोधी की कोर्ट में यह सिद्ध हो गया। जिसके बाद कोर्ट ने सभी जमातियों द्वारा जेल में बिताई गयी अवधि को सजा मानते हुए उनपर जुर्माना ठोका है। जुर्माना ना देने पर एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनायी है।

आपको बता दें कि लॉकडाउन से पहले दिल्ली के एक धार्मिक स्थल पर इंडोनेशिया, थाईलेंड व तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों के तमाम तब्लीगी जमाती आये हुये थे। सरकार ने जब लॉकडाउन लगाया तो ये सभी धार्मिक स्थल से भाग गये। जिसके बाद मुरादाबाद पुलिस ने लॉकडाउन के दौरान ठाकुरद्वारा के एक धार्मिक स्थल से इंडोनेशिया के आठ जमानतियों को गिरफ्तार किया था। वहीं नगीना पुलिस ने 30 मार्च 2020 को एक धार्मिक स्थल से आठ इंडोनेशिया के और पांच बिजनौर के जमातियों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने इनको गिरफ्तार कर महामारी अधिनियम के साथ पासपोर्ट व विदेशी अधिनियम में भी कार्रवाई की। जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए तब्लीगी जमातियों ने कोरोना महामारी फैलाने के आरोप से डिस्चार्ज करके की अर्जियां दी थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद इंडोनेशिया व बिजनौर के जमानतियों ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई हुई।

नगीना पुलिस द्वारा पकड़े गये इंडोनेशिया के आठ जमातियों द्वारा जेल में बितायी गयीं अविधि को सजा मानते हुए प्रत्येक तब्लीगी जमाती पर सात हजार नौ सौ रुपये का जुर्माना ठोका। अदालत ने बिजनौर के पांच जमातियों को जेल में बितायी गयी अविधि के साथ, मंगलवार को अदालत के उठने तक हिरासत में रहने की भी सजा सुनायी।

अदालत ने नगीना के इन पांचों प्रत्येक जमातियो पर दो हजार नौ सौ रुपये का जुर्माना ठोका है। जुर्माना अदा ना करने पर अदालत ने प्रत्येक को एक माह की अतिरिक्त सजा का भी आदेश दिया है। इस मामले में कुछ राजनीतिक पार्टियां भी जब्लीगी जमात के पक्ष में खड़ी थी।

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