एक्टर सुशांत सिंह की मौत पर एम्स की रिपोर्ट को सुशांत के परिवार ने एम्स की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
रिपोर्ट को गलत ठहराते हुए परिवार के वकील विकास सिंह ने जांच एजेंसी के निदेशक को पत्र लिखकर सीबीआई के डायरेक्टर से नई फॉरेंसिक टीम गठित करने की मांग की है।
उन्होंने सवाल उठाया कि एम्स की रिपोर्ट यह तो कह सकती है कि फांसी के फंदे पर लटकने से मौत हुई, लेकिन टीम यह कैसे कह सकती है कि यह आत्महत्या का मामला है, यह तो सीबीआई को अपनी जांच और सबूतों के आधार पर तय करना है।
विकास सिंह ने सीबीआई निदेशक को लिखे तीन पन्नों का पत्र बुधवार को सोशल साइट पर साझा किया। जिसमें कहा गया है कि उन्हें मीडिया से एम्स की टीम द्वारा सीबीआई को रिपोर्ट सौंपे जाने की जानकारी मिली है।
एम्स की टीम के कुछ डॉक्टर टीवी पर भी फोरेंसिक जांच को लेकर सार्वजनिक बयान दे रहे हैं। हमारे लगातार प्रयास के बावजूद फोरेंसिक टीम ने उन्हें रिपोर्ट की कोई प्रति उपलब्ध नहीं कराई है।
अगर लीक रिपोर्ट सही है तो यह गलत, भेदभावपूर्ण और अधूरे साक्ष्यों पर आधारित है।
Highly perturbed with AIIMS report. Going to request CBI Director to constitute a fresh Forensic team . How could AIIMS team give a conclusive report in the absence of the body,that too on such shoddy post mortem done by Cooper hospital wherein time of death also not mentioned .
— Vikas Singh (@vikassinghSrAdv) October 4, 2020
विकास सिंह ने कहा कि सीबीआई को सुशांत की मौत की जांच के लिए नए सिरे से फोरेंसिक टीम का गठन करना चाहिए। इसमें विभिन्न अस्पतालों के फोरेंसिक विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। ताकि कूपर हॉस्पिटल के पोस्टमार्टम के तरीके और मृत्यु से जुड़े अन्य तथ्यों पर प्रकाश डाला जा सके।
एम्स की फोरेंसिक रिपोर्ट पर विकास सिंह उठाए सवाल की एम्स पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं तैयार कर रहा था, बल्कि कूपर हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा किए गए पोस्टमार्टम पर उसे अपनी राय देनी थी, उसके द्वारा मृत्यु के कारणों पर कोई राय कायम करने का औचित्य नहीं बनता।
उन्होंने अपने लिखे पत्र में आगे कहा डॉ. सुधीर गुप्ता इस संवेदनशील मामले में पहले दिन से ही मीडिया में इंटरव्यू दे रहे हैं। वे कूपर हॉस्पिटल के चिकित्सकों के संदिग्ध पोस्टमार्टम और पोस्टमार्टम को लेकर महाराष्ट्र सरकार की जल्दबाजी पर सवाल उठा चुके हैं। घटना स्थल से छेड़छाड़ और बेरोकटोक आवाजाही को लेकर भी वह अपनी राय देते रहे हैं।