रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को लेकर दायर याचिकाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि “सरकार इस मामले को देख रही है। हम नहीं समझते कि हमें इस मामले में दखल देना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है, कानून अपना काम करेगा।“सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सरकार के समक्ष प्रतिनिधित्व दर्ज करने की अनुमति दी।
आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस के दिन आंदोलन के नाम पर हुई हिंसा के बाद सरकार आंदोनकारियों के साथ पूरी सख्ती के साथ निपटने की तैयारी कर ली है। गृह मंत्रालय ने 10 हजार से अधिक पैरा-मिलिट्री बलों को तैनात कर दिया गया है। आपको बता दें कि इस हिंसा में सबसे ज्यादा कसूरवार भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैट को ठहराया जा रहा है। इस हिंसा में दिल्ली पुलिस के 400 से ज्यादा जवान घायल हो गये थे।
आंदोलन के नाम पर हुई हिंसा के दौरान उपद्रवियो ने लाल किला पर तिरंगा के समानांतर अपना झंडा लगा दिया था। याचिका की सुनवाई करने के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस वी रामसुब्रमण्यन और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।