भारतीय मिसाइलों के भंडार में एक और मिसाल आज जुड़ गई है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास परिषद (DRDO) द्वारा विकसित नयी पीढ़ी की एंटी-रेडिएशन एंटी-मिसाइल रुद्रम -1 भारत की पहली स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइल है।
इसका सफल परीक्षण भारत के पूर्वी तट स्थित बालासोर में किया गया। आज लड़ाकू विमान सुखोई-30 से मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया।
इससे पिछले महीने स्वदेश में तैयार की गई परमाणु क्षमता वाली पृथ्वी-2 मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था।
सतह से सतह पर 350 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली पृथ्वी-2 मिसाइल अपने साथ 500 से 1000 किलोग्राम तक के आयुध ले जाने में सक्षम है।
पिछले साल दिसंबर महीने में भी DRDO ने ओडिशा के चांदीपुर से दो ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था।
The New Generation Anti-Radiation Missile (Rudram-1) which is India’s first indigenous anti-radiation missile developed by @DRDO_India for Indian Air Force was tested successfully today at ITR,Balasore. Congratulations to DRDO & other stakeholders for this remarkable achievement.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 9, 2020
इन ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को जमीन और हवाई प्लेटफार्म से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया था।
न्यू जनरेशन एंटी-रेडिएशन मिसाइल (रुद्रम -1) के सफल परीक्षण के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर बधाई दी।
उन्होंने लिखा – ” न्यू जनरेशन एंटी-रेडिएशन मिसाइल (रुद्रम -1) पहली स्वदेशी एंटी-रेडिएशन मिसाइल है, जिसे डीआरडीओ ने विकसित किया है।
भारतीय वायुसेना के लिए तैयार मिसाइल का आइटीआर, बालासोर पर सफल परीक्षण किया गया। इस सफलता के लिए DRDO और हिस्सेदारों को बधाई।