भोपाल में आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस अवसर पर सिंगल क्लिक के माध्यम से 54 लाख विद्यार्थियों के खातों में 324 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। साथ ही, 14 शिक्षकों को राज्य स्तरीय और 2 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री की घोषणाएं: शिक्षा से पुनर्जीवित होगी सनातन संस्कृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा,”हमारी सरकार गुरु-शिष्य परंपरा और सनातन संस्कृति के गौरव को पुनर्स्थापित करने का कार्य कर रही है।”
उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में शिक्षा संस्थानों ने समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गुरुकुल परंपरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने भगवान राम के गुरु विश्वामित्र और भगवान कृष्ण के गुरु सांदीपनी का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लॉर्ड मैकाले द्वारा भारतीय शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने के बावजूद, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने इसे फिर से सुदृढ़ बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार होगा।
राज्यपाल का संबोधन: शिक्षक राष्ट्र निर्माण के शिल्पकार
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शिक्षकों के सम्मान को समाज और सरकार की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा, “शिक्षक आदर्श समाज और राष्ट्र का निर्माण करते हैं। माता-पिता बच्चों को संस्कार देते हैं, लेकिन शिक्षक उन्हें ज्ञान और जीवन मूल्यों से सुसज्जित कर आदर्श नागरिक बनाते हैं।”
उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए सीएम राइज स्कूल की सराहना की और कहा कि पीएम मोदी की शिक्षा नीति ने शिक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाए हैं।
प्रमुख घोषणाएं और कार्यक्रम
गणवेश के लिए 324 करोड़ का अनुदान: 54 लाख विद्यार्थियों को सिंगल क्लिक के माध्यम से गणवेश के लिए सीधे बैंक खातों में राशि ट्रांसफर की गई।
शिक्षकों का सम्मान
14 शिक्षकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार और 2 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
रतलाम के सीएम राइज विनोबा स्कूल के शिक्षकों को नवाचार श्रेणी में अंतर्राष्ट्रीय संस्था T-4 एजुकेशन द्वारा सम्मानित किया गया।
इंस्पायर अवार्ड मानक योजना
इस योजना में तीन छात्रों और उनके गाइड का भी सम्मान किया गया। शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने शिक्षकों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “प्रदेश में 37 हजार शिक्षकों का प्रमोशन किया गया है और 74 हजार अतिथि शिक्षकों को इस साल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा व्यवस्था को बिना बड़े बदलाव किए बेहतर संसाधन और उत्कृष्ट परिणाम देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों की महत्ता और शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर किया गया, जिससे न केवल समाज में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी उज्ज्वल होगा।