मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan ने विदिशा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में “मामा कोचिंग क्लासेज” का शुभारंभ किया। फीता काटकर शुरू किए गए इस संस्थान का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर साधना सिंह चौहान, कार्तिकेय चौहान, विधायक मुकेश टंडन, हरि सिंह सपरे, समाजसेवी ऋषि जालोरी सहित बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अब होगी आसान
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कई मेधावी विद्यार्थी केवल आर्थिक तंगी के कारण अच्छी कोचिंग का लाभ नहीं ले पाते। ऐसे छात्रों को उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “मामा कोचिंग क्लासेज” की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है और समाज के हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।
इस कोचिंग संस्थान में Madhya Pradesh Public Service Commission (एमपीपीएससी) समेत विभिन्न सरकारी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करने की योजना बनाई गई है। संस्थान का उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आने वाले समय में “मामा कोचिंग क्लासेज” को करियर काउंसलिंग सेंटर के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहां युवाओं को रोजगार के अवसर, सरकारी योजनाओं की जानकारी और स्वरोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बदलते समय में केवल डिग्री नहीं, बल्कि सही दिशा और मार्गदर्शन भी बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ यह पहल युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास करेगी।
कोचिंग संस्थान के शुभारंभ को लेकर छात्रों और अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इस पहल को समाज के जरूरतमंद वर्ग के लिए सकारात्मक कदम बताया। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि इससे ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।