मदर्स डे के मौके पर एक मां ने अपने बेटे को किडनी दान कर ममता और त्याग की अनूठी मिसाल पेश की। लंबे समय से गंभीर किडनी बीमारी से जूझ रहे 11 वर्षीय अंश का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जिसके बाद अब उसकी हालत में सुधार है।
अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, सातवीं कक्षा में पढ़ने वाला अंश बचपन से क्रोनिक किडनी डिजीज से पीड़ित था। लगातार इलाज, दवाइयों और कमजोर होती किडनी के कारण उसकी स्थिति गंभीर होती जा रही थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी।
अंश की मां सुमन ने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए अपनी किडनी दान करने का निर्णय लिया। हालांकि दोनों का ब्लड ग्रुप अलग होने के कारण यह प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन डॉक्टरों की टीम ने विशेष तैयारी के साथ ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की।
डॉक्टरों ने एबीओ इनकम्पैटिबल किडनी ट्रांसप्लांट की जटिल प्रक्रिया अपनाई। ऑपरेशन से पहले बच्चे की लगातार निगरानी और विशेष उपचार किया गया। सफल सर्जरी के बाद अंश को 22 दिनों तक निगरानी में रखा गया।
इलाज और निगरानी के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने इसे चिकित्सा टीम की मेहनत और मां के साहस का परिणाम बताया।
वरिष्ठ डॉक्टरों ने परिवार को सफल उपचार के लिए बधाई देते हुए कहा कि समय पर इलाज और मां के निर्णय से बच्चे को नया जीवन मिल सका।