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मर कर भी बचा गया बेटा चार लोगो को जिंदगी, माता-पिता ने दिल पर रखा पत्थर

By: RNI Hindi Desk 
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मर कर भी बचा गया बेटा चार लोगो को जिंदगी, माता-पिता ने दिल पर रखा पत्थर

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: किसी भी इंसान की यही तमन्ना होती है कि जीवन रहे या न रहे लेकिन मरने के बाद लोग उसको हमेशा य़ाद करते रहें। जीवन समाप्त होने के बाद शरीर पंचतत्व में विलीन कर दिय़ा जाता है। जिसके बाद बचती सिर्फ राख, लेकिन जाते-जाते यदि हम किसी को नई जिंदगी दे जाएं तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं होता है। आपको बता दें कि राजस्थान के जयपुर का एक 14 साल का लड़का जाते-जाते अपनी शरीर के अंगो को डोनेट कर चार लोगो को नया जीवन दे गया। यह मासूम सा लड़का कई चेहरों को नई मुस्कान दे गया।

दरअसल, इस लड़के का नाम विशाल था। जिसका हाल ही में सड़क हादसा हो गया था। डॉक्टरों ने इस बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन हर प्रसाय असफल हो गया जिसके बाद डॉक्टरों ने विशाल को ब्रेनडेड घोषित कर दिया। डॉक्टरों को ब्रेनडेड घोषित करने के बाद उसके माता पिता ने विशाल के अंगो को दान करने का फैसला किया। विशाल की दोनों किडनी को जयपुर के SMS अस्पताल में जबकि लिवर को महात्मा गांधी अस्पताल में मरीज को प्रत्यारोपित किया गया। वहीं, हार्ट, लंग्स को चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में विशेष चार्टर प्लेन से भिजवाया गया है।

SMS के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि “हमारी डॉक्टरों की टीम ने विशाल के डोनेट किए गए सभी अंगों को जरुरतमंद लोगों को दान किए गए हैं। दोनों किडनी में से एक जयपुर के 50 साल के युवक तो दूसरी कोटा के 46 साल के व्यक्ति को लगाई गई। इसके अलावा उसका लिवर जयपुर के 35 साल के युवक  को प्रत्यारोपित किया गया है। साथ ही विशाल के हार्ट व लंग्स को चेन्नई भेजकर वहां के अपोलो हॉस्पिटल में 46 साल की महिला को प्रत्यारोपित किया गया।“

आपको बता दें कि बीते 26 जवनरी को विशाल का एक्सिडेंट हो गया। विशाल अपने तीन दोस्तो के साथ कहीं जा रहा था। इसी दौरान उसने सामने से आ रही बस को देखते हुए अचानक ब्रेक लगा दिए। जिसके चलते वह अपना कंट्रोल खो बैठा और बस से जा टकराया। हेलमेल नहीं पहनने की वजह से उसके सिर और मुंह में गंभीर चोट आ गई थी। जिसके बाद परिजनों ने उसे SMS अस्पताल में भर्ती कराया। करीब पांच दिन उसका आईसीयू में इलाज चला, लेकिन वह फिर भी होश में नहीं आया। इसके बाद डॉक्टरों ने ब्रेनडेड घोषित कर दिया था।

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