भारतीय वायु सेना आज अपनी 88 वीं वर्षगांठ मना रही है। इस मौके पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर जश्न मनाया गया। इस दौरान वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने दो दर्जन से अधिक वायुवीरों का सम्मान किया। इसमें वो जवान भी शामिल रहे, जिन्होंने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर एयरस्ट्राइक की थी।
Glimpses of the #AFDay parade 2020.#AFDay2020#AirForceDay pic.twitter.com/wGxt0ibweE
— Indian Air Force (@IAF_MCC) October 8, 2020
बालाकोट एयरस्ट्राइक में शामिल होने वाले तीन हीरो को एयरफोर्स डे के मौके पर सम्मानित किया गया। इनमें स्क्वाड्रन लीडर मिंटी अग्रवाल, जो कि फाइटर कंट्रोलर थीं शामिल रहीं। एयरस्ट्राइक के बाद जब पाकिस्तानी वायुसेना ने काउंटर अटैक करने की कोशिश की तो उन्होंने ही दुश्मन को जवाब दिया।
IAF #ALH, while on a routine training mission carried out a safe precautionary landing due to a technical snag in-flight.
The helicopter landed safely, with prompt & swift emergency actions by the aircrew.No damage or injury reported on ground, recovery team has been launched. pic.twitter.com/0Zv47ivwDv
— Indian Air Force (@IAF_MCC) October 8, 2020
विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान के प्लेन को जब हिट लगी तो उस वक्त मिंटी अग्रवाल ही पूरे ऑपरेशन में सभी पायलट को अपडेट दे रही थीं। उनके अलावा ग्रुप कैप्टन हंसल, ग्रुप कैप्टन हेमंत कुमार वडसेरा को भी वायुसेना प्रमुख ने सम्मानित किया। तीनों को युवा सेना मेडल से सम्मानित किया गया।
IAF was established on 08 Oct 1932.
“8” in the sky by SKAT.
Happy Air Force Day.#suryakiran pic.twitter.com/KA90tfVd9T
— Suryakiran Aerobatic Team (@Suryakiran_IAF) October 8, 2020
आपको बता दें कि युवा सेना मेडल उन जवानों को दिया जाता है, जो कि युद्ध के वक्त में अपनी जान जोखिम में डालकर देश की रक्षा करते हैं। सिर्फ युद्ध नहीं बल्कि तनाव और अन्य ऐसे अवसरों पर जब दुश्मन से सीधे सामना हो तब भी ये अवॉर्ड दिया जाता है।