श्योपुरः बाढ़ प्रभावितों को राहत राशि वितरण में हुए घोटाले के आरोप में पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार किया है। 2021 में बड़ौदा तहसील में राहत राशि वितरण के दौरान करीब ढाई करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। अमिता सिंह पर फर्जीवाड़ा कर अपात्रों को मुआवजा बांटने का आरोप है।
गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही आरोपी अधिकारी को विजयपुर तहसीलदार के पद से हटा दिया गया था। पुलिस ने उन्हें ग्वालियर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया। श्योपुर लाकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें शिवपुरी जेल भेज दिया गया। इस दौरान अमिता सिंह चेहरा छिपाती नजर आई।
बड़ौदा पुलिस के अनुसार, अमिता सिंह के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। अमिता सिंह की अग्रिम जमानत याचिकाएं पहले हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट से भी खारिज हो चुकी थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की है।
2021 में आई बाढ़ के बाद बड़ौदा तहसील में 794 हितग्राहियों के नुकसान का आकलन किया गया था। राहत वितरण के दौरान 127 फर्जी खातों में करीब 2.57 करोड़ रुपए ट्रांसफर होने का मामला सामने आया। ऑडिट में गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद जांच शुरू हुई, जिसमें कुछ लोगों से राशि की वसूली भी की गई। प्रशासनिक सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक इस मामले में 110 आरोपी और 25 पटवारी शामिल होने की बात सामने आई है।