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MP विधानसभा बजट सत्र का सातवां दिन: विभागीय बजट पर होगी लंबी चर्चा, कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र का सातवां दिन। विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा, जमीन बंदोबस्त और नहर मुद्दे पर ध्यानाकर्षण, लाड़ली बहना और कानून-व्यवस्था पर हंगामे के आसार।

By: Abhinav Tiwari 
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MP विधानसभा बजट सत्र का सातवां दिन: विभागीय बजट पर होगी लंबी चर्चा, कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी

मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का सातवां दिन अहम माना जा रहा है। प्रश्नोत्तर काल के बाद सदन में आगामी बजट की विभागवार अनुदान मांगों पर चर्चा होगी। आज विशेष रूप से नगरीय विकास, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के बजट पर विधायकों के विचार रखे जाएंगे।

भोपाल में कांग्रेस की रैली, विधानसभा से ज्यादा सड़कों पर सक्रियता

भोपाल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विशाल रैली के कारण कांग्रेस का फोकस विधानसभा के बजाय सड़कों पर प्रदर्शन पर रहने की संभावना है। ऐसे में सदन के भीतर विपक्ष की उपस्थिति और रणनीति पर भी नजरें टिकी रहेंगी।

ध्यानाकर्षण में उठेंगे जमीन बंदोबस्त और नहर सीमेंटीकरण के मुद्दे

आज विधानसभा में कई अहम ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए जाएंगे। खरगोन जिले के भीकनगांव और झिरण्या क्षेत्र में जमीन के बंदोबस्त का कार्य पूरा न होने से उत्पन्न राजस्व संबंधी कठिनाइयों को लेकर विधायक झूमा सोलंकी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखेंगी, जिस पर राजस्व मंत्री जवाब देंगे। इसके अलावा विधायक दिनेश राय मुनमुन और रजनीश सिंह सिवनी और केवलारी विधानसभा क्षेत्र में नहर निर्माण और सीमेंटीकरण अधूरा रहने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने का मुद्दा उठाएंगे। इस पर जल संसाधन मंत्री का उत्तर लिया जाएगा।

नगरीय विकास से लेकर उच्च शिक्षा तक बजट पर चर्चा

प्रश्नोत्तर काल, शून्यकाल, याचिकाओं की प्रस्तुति और पत्रों को पटल पर रखने के बाद सदन में करीब पौने आठ घंटे विभागीय बजट चर्चा के लिए तय किए गए हैं। सबसे पहले नगरीय विकास एवं आवास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा होगी, जो 23 फरवरी को पूरी नहीं हो सकी थी। इसके बाद जनजातीय कार्य विभाग, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग और लोक परिसंपत्ति विभाग पर विचार होगा। आगे अनुसूचित जाति कल्याण, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, परिवहन, उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभागों के बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपनी-अपनी राय रखेंगे।

लाड़ली बहना योजना पर पहले ही हो चुका है हंगामा

सोमवार को सदन में लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन को लेकर जोरदार हंगामा हुआ था। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सवाल उठाया कि पात्र नई महिलाओं का पंजीयन कब शुरू होगा, इस पर सरकार स्पष्ट जवाब नहीं दे रही। जवाब में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पलटवार करते हुए कांग्रेस नेताओं के बयानों पर सवाल खड़े किए थे।

कानून-व्यवस्था, AI समिट और प्रदर्शन पर टकराव

बजट पर चर्चा के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बेहद खराब है और कांग्रेस कार्यालयों पर हमले हुए हैं। उन्होंने भोपाल और इंदौर में हुए प्रदर्शनों का हवाला देते हुए भाजपा पर आरोप लगाए, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।

सरसों पर भी भावांतर योजना का ऐलान

बजट सत्र के छठवें दिन, 23 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब सरसों फसल को भी भावांतर भुगतान योजना के दायरे में लाया जाएगा। इससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा और बाजार भाव गिरने की स्थिति में उन्हें आर्थिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

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