मध्यप्रदेश के कटनी जिले में झिंझरी चौकी प्रभारी पर एक गरीब परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसके बेटे ने ऑनलाइन सब्जी काटने के लिए एक चाकू मंगाया था। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम उनके घर पहुंची और तलाशी ली। परिवार का आरोप है कि तलाशी के दौरान बेटी के लिए सुरक्षित रखे गए सोना-चांदी के आभूषण और नकदी के संबंध में अनियमितता हुई। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग की है।
परिवार ने आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान एक पुलिसकर्मी ने उनसे ₹15,000 लिए। शिकायत में इस आरोप की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि झिंझरी चौकी प्रभारी ने अपने निजी चार पहिया वाहन की मरम्मत एक सुजुकी एजेंसी में कराई और उसका ₹8,200 का बिल शिकायतकर्ता के पुत्र के वेतन से कटवा दिया। परिवार का कहना है कि यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह अधिकारों के दुरुपयोग का मामला है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

शिकायतकर्ता का दावा है कि मामला एसपी कार्यालय पहुंचने के बाद पुलिस अधीक्षक ने चौकी प्रभारी को तत्काल कार्यालय बुलाने के लिए फोन किया। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी के निर्देश के बावजूद चौकी प्रभारी लगभग एक घंटे तक एसपी कार्यालय नहीं पहुंचे। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले में लगाए गए आरोपों पर अभी पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी।