Home उत्तर प्रदेश संभल जिले में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ मंत्री के पास पहुंच गए भाजपा के बड़े-बड़े नेता

संभल जिले में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ मंत्री के पास पहुंच गए भाजपा के बड़े-बड़े नेता

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संभल- अपनी ही सरकार में जिले में हो रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भाजपा के बड़े-बड़े नेता जिला कलेक्ट्रेट सभागार पर पहुंचे और वहां पहुंचे प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख को जिले में हो रहे भ्रष्टाचार के कई बिंदुओं को लेकर एक शिकायती पत्र सौंपा और एक सप्ताह का समय देते हुए सभी व्यवस्थाओं को सुधारने की बात कही नहीं तो एक बड़े धरने की चेतावनी दी।

भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वालों में गुन्नौर विधानसभा से भाजपा विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू, पूर्व सांसद प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी, पूर्व जिला अध्यक्ष, पूर्व विधायकों के अलावा कई जिला पंचायत सदस्य और भारी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

गुनौर से भाजपा विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू ने अपने लेटर पेड पर शिकायती पत्र मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन मंत्री और क्षेत्रीय अध्यक्ष के नाम प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख को सौंपा। जिसमें जिले में हो रहे भ्रष्टाचार के 11 बिंदुओं के बारे में लिखा गया था।

1- किसानों के धान की खरीद कहीं भी नहीं की जा रही है। अगर कहीं भी की जा रही है तो बिचौलियों के माध्यम से सांठगांठ करके की जा रही है। जिससे किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित दरों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

2- कुछ दबंगों ने गांव में चकरोड़, तालाब, ग्राम पंचायतों की जमीन पर कब्जा कर रखा है। परंतु किसानों को चक मार्ग की नापतोल कराने के लिए राजस्व कर्मियों को पैसे देकर भी महीनों कर्मचारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और नाप नहीं हो पाती है।

3- खनन माफिया अधिकारियों से सांठगांठ करके रातो रात अवैध खनन कर रहे हैं और किसानों की मिट्टी की ट्राली या बुग्गी को पुलिस डंडा मारकर बंद कर देती है।

4- पुलिस प्रशासन द्वारा थानों व चौकियों स्थल से दिनदहाड़े मोटरसाइकिल की चेकिंग व सही मदद करने के नाम पर खुली लूट मचा रखी है।

5- बिजली विभाग द्वारा सभी उपभोक्ताओं के फर्जी बिल भेजे जा रहे हैं और उनका साठगांठ करके निपटारा कर देते हैं नहीं तो एफआईआर का भय दिखाकर धन की अवैध उगाही कर रहे हैं।

6- मनरेगा में कोविड 19 के दौरान फर्जी मजदूरों द्वारा मजदूरी कागजों में ही कराकर भुगतान का कर्मचारियों ने बंदरबांट कर लिया है।

7- ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण व विकास कार्यों की धरातल पर स्थिति अत्यंत दयनीय है और शौचालय व पंचायत घरों के निर्माण कार्य में अधिकारियों द्वारा वसूली की गई है। ग्राम पंचायतों में हो रहे निर्माण कार्यों की शिकायत होने पर विकास का निपटारा भी बड़ी तेजी के साथ कागजों में ही करा लिया जाता है और कोई कार्यवाही नहीं की जाती।

8- गन्ना समितियों द्वारा माफियाओं के फर्जी सर्वे किए जा रहे हैं। जिससे किसानों का गन्ना समय पर नहीं पड़ता है और उन्हें सस्ते कीमत पर बाजार में बेचना पड़ता है।

9- गौशालाओं के निर्माण के बाद भी गाय सड़कों पर घूम रही हैं और किसानों की फसल को चौपट कर रहे हैं। गौशाला के संचालकों द्वारा कागज की पूर्ति कर धन फिर भी आहरण कर लिया जा रहा है।

10- पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों के साथ पुलिस प्रशासन व अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है और बिना पैसे के कोई भी काम नहीं किया जाता।

11- जिला अस्पताल में क्षेत्रवासियों से 50000 से ₹100000 लेकर फर्जी मेडिकल करके फर्जी मुकदमे लिखवा कर लूट मचा रखी है। चिकित्सक अस्पतालों में समय से नहीं बैठते हैं।

यह सभी गंभीर आरोप किसी एक कार्यकर्ता ने नहीं बल्कि भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं ने प्रशासन पर लगाए हैं और एक चेतावनी पत्र देकर शासन को अवगत कराया गया है कि यदि जिले में भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगाई जाती है तो 1 सप्ताह बाद भाजपा के नेताओं द्वारा एक बड़ा धरना दिया जाएगा।

भाजपा नेताओं द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद सवाल है कि जिस तरह से योगी सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है उसको लेकर संभल जिले का प्रशासन क्या मुख्यमंत्री के तमाम आदेशों को पलीता लगा रहा है या फिर अपनी मनमानी के आगे जिला प्रशासन सीएम की मनसा को ही भूल चुका है।

 

 

 

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