रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, राजनीतिक पार्टियों में सरगर्मी बढ़ती जा रही है। मायावती ने इस विधानसभा चुनाव में अपनी रणनीति साफ कर दी है, वो ब्राह्मणों को साध कर 2007 की तरह एक बार फिर सूबे की मुख्यमंत्री बनना चाह रही हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी से सीधा टक्कर लेने वाली समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव हर मुद्दे पर BJP पर निशाना साध रहे हैं।
आपको बता दें कि छोटे लोहिया के नाम से मशहूर जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर लखनऊ के समाजवादी पार्टी कार्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अखिलेश ने कहा, ‘अभी तक हम 350 सीटें जीतने का दावा कर रहे थे। आज जनता की नाराजगी इतनी है कि हम 400 सीटें जीत सकते हैं। बीजेपी से जनता बहुत नाराज है, इन्हें उम्मीदवार नही मिलेंगे। इस सरकार में दलित, मुस्लिम और ब्राह्मणों को सताया गया है।’
उन्होने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘बीजेपी सरकार विज्ञापनों में खुद को नंबर वन बता रही है। लेकिन कुपोषण के मामले में, गंगा किनारे लाशों के कफन उतारने में नंबर वन, लकड़ी ना देने में और ऑक्सीजन नहीं दे पाने में बेरोजगारी में नंबर वन है। पंचायत चुनावों के दौरान 1600 से अधिक शिक्षक और अन्य कर्मियों की मौत के आंकड़ों को महज 3 बता दिया गया।’
आगे उन्होने कहा कि युवाओं को नौकरी की बजाय लाठी से पीटने में नंबर वन, 70 लाख नौकरी के वादे से पलटने में नंबर वन, अभ्यर्थियों को पीटने में नंबर वन, महिला असुरक्षा में नंबर वन, कफन उतारने में नंबर वन, न्यायिक हिरासत में मौत में नंबर वन है।
वहीं दूसरी ओर योगी सरकार 5 अगस्त के उपलब्धि पर जश्न मना रही है। अनुच्छेद 370, राम मंदिर भूमिपूजन और भारतीय पुरुष हॉकी टीम की जीत के बाद BJP खुशी मना रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या के दौरे पर हैं। उन्होने रामलला के दर्शन किए, इसके बाद मंदिर मॉडल की आरती उतारी है।