रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना महामारी के बीच किसान आंदोलन पर भी सवाल खड़ा होने लगा है। लगातार बढ़ रहे संक्रमण के बाद भी दिल्ली से सटे कई बॉर्डरों पर किसान अब भी डेरा डाले बैठे हैं। इस स्थिति में डर बढ़ने लगा है कि आंदोलनकारी किसान भी संक्रमण के चपेट में आ जायेंगे। जबकि दिल्ली में लॉकडाउन के बाद भी बड़ी संख्या में किसानों के एक साथ रहने से सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का भी उल्लंघन हो रहा है। महामारी को देखते हुए हाल ही में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से सवाल किया गया था। इस सवाल को टालते हुए उन्होने कहा था कि क्या किसी हकीम ने बताया है कि किसान आंदोलन खत्म होने पर देश से कोरोना खत्म हो जायेगा।
आपको बता दें कि जब टिकैत से पूछा गया कि कोरोना के बढ़ते केसों के बीच किसान आंदोलन खत्म कर देना चाहिए, तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “क्यों किसी हकीम ने बताया कि आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो देश से कोरोना का केस खत्म हो जाएगा। देश में बीमारियां आ रही हैं, तो आंदोलन का बीमारी से क्या मतलब? दिल्ली के नजदीक हैं, अगर ये गांव में जाएंगे अगर वहां बीमार होंगे, तो दिल्ली आने में टाइम लगेगा। अब यहां पर पट्ठे बीमार होंगे, तो कम से कम अस्पताल तो नजदीक है। मैक्स वाले ने कह रखा है कि किसान जो बैठा है, उसका इलाज मुफ्त में करेंगे।”
टिकैत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि, “दिल्ली में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगा दिया गया है। हमने अभी संसद जाने की योजना रद्द कर दी है। ये जमात नहीं है, न ये मरकज है, न ये शाहीन बाग है। ये किसान हैं। इसके बाद जब पत्रकारों ने टिकैत से आगे पूछा कि कोरोना से हाल बिगड़ता है किसानों का, तो सारी जिम्मेदारी आप पर पड़ जाएगी। इस सवाल पर टिकैत ने कहा कि सरकार पर पड़ेगी इसकी जिम्मेदारी या हॉस्पिटल पर पड़ेगी। कोई बीमारी आती है तो सरकार की जिम्मेदारी है। अभी कई-कई लाख केस आ रहे हैं। तो उसमें भी यही जिम्मेदार रहेगा।”
आपको बता दें कि इसके बाद जब आंदोलन में आंदोलनरत किसानों के कम होने पर सवाल किया गया तो उन्होने कहा कि भीड़ बुलाएं तो कोरोना का डर दिखाओगे, और जब भीड़ ना बुलाएं तो भीड़ कम हो गई। उन्होने आश्वासन दिया कि भीड़ आयोगी, जैसे-जैसे सरकार आयोगी 3 तारीख को दिल्ली वापस।
टिकैत ने आगे कहा कि अगर यहां कोरोना फैलता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की हो जायेगी, इसके साथ ही अस्पतालों की भी जिम्मेदारी होगी। उन्होने चेताते हुए आगे कहा कि डॉक्टर हकीम है कोई, अगर हवा में बिमारी फैलती है तो राकेश टिकैट कहीं की जिम्मेदारी लेगा। उन्होने कहा कि हम आंदोलन की जिम्मेदारी लेंगे। ट्रैक्टरों की जिम्मेदारी लेंगे। सरकार को हमरी चिंता करने की जरुरत नहीं हैं।