प्रधानमंत्री संबोधन की खास बाते सिर्फ यहां पढ़े
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ की अगली किस्त जारी की। उन्होंने एक बटन दबाकर नौ करोड़ किसान लाभार्थियों के खातों में 18,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए, इस योजना के तहत हर साल तीन किस्तों में किसानों के खातों में 6,000 रुपये भेजे जाते हैं। किसानों के खाते में दो-दो हजार रुपये की राशि तीन किस्तों में भेजी जाती हैं।
हम देश के अन्नदाता को उन्नत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जब किसानों की उन्नति होगी, तो पूरे राष्ट्र की उन्नति तय है।
मेरा आग्रह है- किसान किसी के बहकावे में न आएं, किसी के झूठ को न स्वीकारें। #PMKisan pic.twitter.com/AoaDjUMIxD
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2020
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 10 करोड़ 60 लाख किसानों के खातों में कुल 96 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने इस योजना के लाभार्थियों के साथ संवाद भी किया,इस कार्यक्रम का आयोजन ऐसे समय हुआ है जब दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान तीन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर पिछले कुछ हफ्तों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार का दावा है कि ये तीनों कानून किसानों के हित में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिन लोगों का अपना राजनीतिक एजेंडा है वह किसानों को सरकार के साथ बातचीत के लिये आगे नहीं आने दे रहे हैं, जिससे कि उनकी चिंतायें दूर की जा सकें।
पहले क्या होता था, याद है?
सारा रिस्क किसान का होता था और रिटर्न किसी और का होता था।
अब नए कृषि कानूनों और सुधार के बाद स्थिति बदल गई है। #PMKisan pic.twitter.com/ZCKPChBlpU
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2020
मोदी ने कहा कि कुछ लोग किसानों की जमीन को लेकर चिंता जताने का नाटक कर रहे हैं, हम उन सभी के बारे में जानते हैं जिनके नाम जमीन पर कब्जा करने को लेकर मीडिया में आये हैं।
पीएम ने कहा कि हमने एक हजार से अधिक मंडियों को आनलाइन एक दूसरे से जोड़ा है, इन मंडियों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार पहले ही हो चुका हैं।
आज नए कृषि सुधारों के बारे में असंख्य झूठ फैलाए जा रहे हैं।
लेकिन खबरें आ रही हैं कि कैसे एक-एक कर के हमारे देश के किसान इन कानूनों का फायदा उठा रहे हैं।
सरकार किसान के साथ हर कदम पर खड़ी है। ऐसी व्यवस्था की गई है कि एक मजबूत कानून और लीगल सिस्टम किसानों के पक्ष में खड़ा रहे। pic.twitter.com/uqrJv0U0es
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2020
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम गांवों में किसानों के जीवन को आसान बना रहे हैं। जो लोग आज बड़े बड़े भाषण दे रहे हैं जब वह सत्ता में थे तब उन्होंने किसानों के लिये कुछ नहीं किया।
मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने और अधिक फसलों को न्यूनतम समर्थन मूलय का लाभ दिया और किसानों को रिकार्ड धनराशि उपलब्ध कराई हैं।
कृषि सुधार कानूनों के बाद किसान जहां चाहें, जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं।
जहां सही दाम मिले, वहां बेच सकते हैं। मंडी में बेच सकते हैं, व्यापारी को बेच सकते हैं, दूसरे राज्य में बेच सकते हैं और निर्यात भी कर सकते हैं।
किसान को इतने अधिकार मिल रहे हें तो इसमें गलत क्या है? pic.twitter.com/Sl5YLHQAE9
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2020
मोदी ने कहा कि नये कृषि कानूनों को लेकर किसानों के मन में कुछ आशंकायें थी, लेकिन राजनीतिक एजेंडा लेकर चलने वाले लोग बीच में आकर नई मांगे रख देते हैं जिनका इन कानूनों से कोई लेना देना नहीं हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग केरल में कई साल से राज कर रहे हैं वही लोग पंजाब में किसानों के साथ सेल्फी खिंचाने के लिये पहुंच रहे हैं, लेकिन इन लोगों ने अपने राज्य में मंडी प्रणाली के लिये कुछ नहीं किया।
हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले।
हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार लागत का डेढ़ गुना MSP किसानों को दिया।
हम आज MSP पर रिकॉर्ड सरकारी खरीद कर रहे हैं, किसानों की जेब में MSP का रिकॉर्ड पैसा पहुंच रहा है। #PMKisan pic.twitter.com/PLxm4jTOnn
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2020
मोदी ने कहा जिन लोगों को मतदाताओं ने नकार दिया अब वही लोग प्रचार पाने के लिये नये नये कृत्यों में लगे हैं लोगों को इनके भ्रमजाल में नहीं फंसना चाहिये।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों के लिये दिल्ली से भेजा जाने वाला पैसा अब न तो कम होता है और न ही गलत हाथों में जाता हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को राष्ट्रीय क्षति मानते थे।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के 70 लाख किसानों को केन्द्र की प्रत्यक्ष धन हस्तांतरण योजना का लाभ उपलब्ध नहीं होने देने पर पश्चिम बंगाल सरकार को आड़े हाथों लिया।
आज देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे एक क्लिक पर 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हुए हैं।
कोई कमीशन नहीं, कोई हेराफेरी नहीं। यह गुड गवर्नेंस की मिसाल है। #PMKisan pic.twitter.com/Qd6gAU5qEt
— Narendra Modi (@narendramodi) December 25, 2020
किसान आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उन लोगों के साथ भी बातचीत करने को लेकर तैयार है जो अलग विचारधारा के चलते सरकार के खिलाफ हैं, लेकिन बातचीत तर्कसंगत, तथ्यों और मुद्दों पर आधारित होनी चाहिये।