नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने महाराष्ट्र स्थित बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक, यवतमाल पर कई प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें ग्राहकों के लिए 5,000 रुपये की निकासी की सीमा भी शामिल है। केंद्रीय बैंक ने सहकारी बैंक की वित्तीय स्थिति के बिगड़ने के बीच यह कदम उठाया है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के तहत प्रतिबंध 8 नवंबर, 2021 को कारोबार बंद होने से छह महीने तक लागू रहेंगे और समीक्षा के अधीन हैं।
यवतमाल का यह सहकारी बैंक अब रिजर्व बैंक की मंजूरी के बिना कोई भुगतान नहीं कर सकता और ना ही कोई लोन या अग्रिम दे सकता है। इसके अलावा रिजर्व बैंक की मंजूरी के बिना बैंक कोई भुगतान नहीं कर सकेगा, किसी तरह की व्यवस्था में शामिल नहीं होगा और ना ही अपनी संपत्तियों को बेच या स्थानांतरित कर सकेगा। बयान में कहा गया है, बैंक की मौजूदा नकदी की स्थिति को देखते हुए सभी बचत बैंक या चालू खाता या अन्य खाताधारक अपने खातों से 5,000 रुपये से अधिक की राशि नहीं निकाल सकेंगे।
इसके अलावा, आरबीआई ने कर्नाटक के दावणगेरे स्थित मिलथ को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर लगाए गए प्रतिबंधों को तीन महीने 7 फरवरी, 2022 तक के लिए बढ़ा दिया है। कर्नाटक स्थित सहकारी बैंक पर प्रतिबंध 26 अप्रैल, 2019 को लगाया गया था और समय-समय पर संशोधित किया गया है। पिछली बार पाबंदियों को 7 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया था।
संकटग्रस्त पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक के ग्राहकों को पहले लॉट में 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर नहीं मिलेगा। बैंक अभी मल्टी-स्टेट-कोऑपरेटिव बैंक रेजोल्यूशन प्रोसेस के तहत है। डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) पहले लॉट में PMC बैंक को छोड़कर 20 स्ट्रेस्ड बैंकों के ग्राहकों को भुगतान करेगा। पहले लॉट के लिए 90 दिनों की अनिवार्य अवधि 30 नवंबर को समाप्त होगी।