रतलाम जिले के जावरा अनुभाग के ग्राम भीमाखेड़ी में पुलिस ने एक नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पर छापामार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई औद्योगिक थाना प्रभारी प्रकाश गडरिया के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। पुलिस टीम दोपहर करीब 3 बजे मौके पर पहुंची और पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जांच के दौरान पाया गया कि फैक्ट्री में व्हे लेक्टोज (Whey Protein) पाउडर मिलाकर दूध तैयार किया जा रहा था। मौके से एक टैंकर भरा हुआ मिलावटी दूध और करीब 100 बोरी पाउडर बरामद किया गया। इसके बाद खाद्य विभाग को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया।
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दूध और पाउडर के सैंपल लिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल फैक्ट्री को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री संचालक के पास केवल डेयरी संचालन का लाइसेंस था, लेकिन दूध निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) का कोई वैध लाइसेंस मौजूद नहीं था। हालांकि संचालक का दावा है कि यह दूध ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्र किया जाता है और उसमें पाउडर मिलाकर सप्लाई किया जाता है।
सूत्रों के अनुसार, फैक्ट्री से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में दूध की सप्लाई की जा रही थी, जिसमें अमूल प्लांट सहित अन्य स्थानों पर सप्लाई का दावा किया गया है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, व्हे प्रोटीन पाउडर का अत्यधिक उपयोग दूध में मिलावट के रूप में किया जाना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। यह विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए हानिकारक माना जाता है और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है।
खाद्य विभाग, राजस्व और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। तहसीलदार सहदेव मौर्य और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया।
अधिकारियों ने बताया कि सैंपल रिपोर्ट आने के बाद यदि मिलावट की पुष्टि होती है तो औद्योगिक थाने में एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
कार्रवाई के दौरान मौके पर पहुंचे एक स्थानीय प्रतिनिधि और पुलिसकर्मियों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बनी, जिसे मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत शांत करा दिया।