केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का कल शाम दिल्ली के एम्स अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें निधन के बाद दिल्ली से लेकर बिहार तक उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।
रामविलास पासवान को बिहार का ही नहीं बल्कि देश के बड़े नेता के तौर पर गिना जाता था। उनके निधन के बाद देश में राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया गया। हर सरकारी ऑफिस में आधा झंडा झुका दिया गया है।
रामविलास पासवान के पास उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का कार्यभार था लेकिन उनके निधन के बाद ये मंत्रालय केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को सौंप दिया गया है।
देश के शोषितों, और वंचितों की आवाज बनकर उनके उत्थान को समर्पित रहने वाले रामविलास पासवान जी को आज अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सामाजिक न्याय और समानता के लिये उनका संघर्ष, और उनका योगदान हमेशा याद किया जायेगा। pic.twitter.com/O5dmMBzKOL
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) October 9, 2020
कैबिनेट ने पासवान के लिए एक राजकीय अंतिम संस्कार को मंजूरी दी और प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया कि, “कैबिनेट केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता है।
उनके निधन से राष्ट्र ने एक प्रख्यात नेता, एक प्रतिष्ठित सांसद और एक योग्य प्रशासक को खो दिया है।”
राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, “प्रधानमंत्री की सलाह पर भारत के राष्ट्रपति ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री पीयूष गोयल को उनके मौजूदा विभागों के अलावा, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाए।”
आज सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेताओं ने 12 जनपथ पहुंचकर रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी।
मोदी कुछ देर तक रुके भी उन्होंने चिराग पासवान से भी बात की और उन्हें सांत्वना दी।