कटनी में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि कार्यालय में व्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। इसी कारण मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी जोर पकड़ रही है।
स्थानीय लोगों द्वारा यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कार्यालय के कार्यों में कुछ बाहरी प्रभावों की भूमिका दिखाई देती है। इस संबंध में विभिन्न पक्षों द्वारा यह सवाल उठाया जा रहा है कि सरकारी कार्यालयों में किसी बाहरी व्यक्ति की सक्रिय भूमिका कितनी उचित है और यह किस अधिकार के तहत हो रही है।
नागरिकों का कहना है कि सरकारी दफ्तर जनता की सेवा के लिए होते हैं और इनकी कार्यप्रणाली पूरी तरह नियमों और पारदर्शिता पर आधारित होनी चाहिए। ऐसे में यदि किसी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप होता है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। लोगों का कहना है कि सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, जिससे जनता के बीच विश्वास कायम रहे।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे केवल यह स्पष्टता चाहते हैं कि RTO कार्यालय की कार्यप्रणाली पूरी तरह नियमों के अनुसार चल रही है या किसी प्रभाव के तहत। जनता ने पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग दोहराई है।