प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को त्रिवेणी संगम में विशेष पूजा अर्चना की और आगामी महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने रत्नजड़ित और अष्टधातु से बने कुम्भ कलश का कुम्भाभिषेक किया, जो महाकुंभ के आयोजन की विशेषता को और बढ़ा रहा है। इस कुम्भ कलश में गंगाजल, पंचरत्न, दुर्बा, हल्दी, सुपारी, और पवित्र तीर्थस्थलों की मिट्टी रखी गई है, साथ ही इसे अमृत रूपी कलश बनाने के लिए आम के पत्ते और नारियल भी डाले गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस कलश को पूजन के बाद संतो और श्रद्धालुओं को समर्पित किया, और यह कुम्भ कलश अब उनके पास भेजा जाएगा। कुम्भ कलश का निर्माण खासतौर पर महाकुंभ की दिव्यता और भव्यता को दर्शाने के लिए किया गया है।
त्रिवेणी पूजन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने विभिन्न अखाड़ों के संतों से भी मुलाकात की और उनके आशीर्वाद प्राप्त किए। कार्यक्रम में 13 प्रमुख अखाड़ों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था। इस दौरान, संतों ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की और महाकुंभ को सफल और भव्य बनाने के लिए उनका आशीर्वाद दिया।
श्री पंचायती अखाड़ा महा निर्वाणी के सचिव महंत जमुना पुरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी संतों से कुशलक्षेम पूछा और राष्ट्र की समृद्धि और प्रगति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस कार्यक्रम में सक्रिय भाग लिया और संतों का परिचय प्रधानमंत्री से कराया।
आचार्य देवेंद्र सिंह शास्त्री, श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के सचिव, ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया और महाकुंभ को दिव्य और भव्य बनाने की कामना की। संतों ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि इस बार का महाकुंभ अविस्मरणीय होगा।
इस आयोजन के साथ ही महाकुंभ के आगमन की तैयारियाँ भी जोर-शोर से चल रही हैं। 13 जनवरी से शुरू होने वाला महाकुंभ, न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि यह विश्वभर से आस्थावान भक्तों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाला एक प्रमुख आयोजन भी होगा।
Post Written By Abhijeet