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प्रयागराज,आगरा,गाजियाबाद,मेरठ में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने की तैयारी, CM योगी का निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ, नोएडा, वाराणसी और कानपुर के बाद सूबे के चार और शहरों में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं।

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

लखनऊ:

योगी सरकार बनने के बाद सूबे में अपराधियों के हौसले पस्त हो गये हैं। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सूबे में अपराध के ग्राफ को सबसे नीचे लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सीएम योगी ने सूबे के चार जिलों आगरा,गाजियाबाद,प्रयागराज और मेरठ में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले भी राज्य में राजधानी लखनऊ,नोएडा,वाराणसी और कानपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू किया जा चुका है।

आपको बता दें कि इन जिलों में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से सफलता मिली है। इन जिलों के अपराधियों, माफियाओं पर सख्ती से लगाम लगया गया है। इसी सफलता के बाद अब ताज नगरी आगरा, गाजियाबाद, प्रय़ागराज और मेऱठ में कमिश्नरी लागू करने की तैयारी की जा रही है। जिससे इन जिलों में अपराध पर लगाम लने के साथ ही पुलिस और मजबूत होगी। आइये एक नजर डालते हैं इन जिलों पर।

आगरा

ताज नगरी आगरा में न्यू आगरा बसाने की तैयारी तेजी से चल रही है। इसके साथ ही आगरा से सटे आस-पास के जिलों से लोग बेहतर जिंदगी जीने के लिए आगरा आ रहें हैं। जिससे यहां की जनसंख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। जनसंख्या में बढ़ोत्तरी होने के साथ ही यहां के निवासियों को बेहतर सुरक्षा देने के उद्देश्य से योगी सरकार जिले कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की तैयारी में हैं। अब अपराध पर लगाम तेजी और सख्ती से लगाया जा सकेगा। यहां के लोग बेहतर माहौल में भी रह पायेंगे।

बात करें आगरा की जनसंख्या पर तो यहां की जनसंख्या 44 लाख 18 हजार से भी ज्यादा है। इसमें 23 लाख 64 हजार से ऊपर पुरुष तो 20 लाख 53 हजार से ऊपर महिलाओं की जनसंख्या है। योगी सरकार के मानक को देखें तो सरकार 10 लाख से ऊपर वाले जिलों में समीक्षा के निर्देश दिए हैं। ऐसे में आगरा जिले की जनसंख्या 44 लाख से भी ऊपर है। इस स्थिति में यहां कमिश्नरी प्रणाली लागू की होनी चाहिए।

आगरा में बढ़ती जनसंख्या के साथ अपराध का ग्राफ भी ऊपर गया है। जघन्य अपराध के मामले में आगरा देश के 100 जिलों में 26वें नंबर पर है, जो काफी चिंता का विषय है। साल 2019 में जिलें में दहेज हत्याएं, बलात्कार, अपहरण जैसे 1542 मामले दर्ज हुए हैं।  इसमें 87 मामले बलात्कार के दर्ज किए गये हैं। 493 मामलें महिलाओं के अपहरण के दर्ज हुए। 84 मामले महिलाओं की दहेज हत्या में दर्ज किए गये हैं। जबकि 305 मामले महिलाओं का अपहरण कर विवाह के लिए दर्ज किए गये हैं।

बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की जरुरत हर कीमत पर है। योगी सरकार महिलाओं पर अपराध या किसी भी प्रकार के अपराध पर लगाम लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। आगरा जिले में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से निश्चित तौर पर अपराध पर अंकुश लग पायेगा।

प्रयागराज

प्रयागराज में भी योगी सरकार कमिश्नरी प्रणली लागू करने के लिए समीक्षा के निर्देश दिए हैं। प्रयागराज की जनसंख्या साल 2011 के जनगणना के अनुसारल 59 लाख 54 हजार से भी ज्यादा है। वर्तमान में काफी बढ़ा है। इसमें पुरुषों की आबादी 31 लाख 31 हजार से भी ज्यादा और महिलाओं की जनसंख्या 28 लाख 22 हजार से ऊपर है। जबकि प्रयागराज अपराध के मामले में सूबे में दूसरे नंबर पर वहीं देश में 18वें नंबर पर है। जो काफी चिंतनीय है। साल 2019 में महिलाओं और बाल अपराध के 2544 मामले दर्ज किए गये थे। ऐसे में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने से यहां भी अपराध पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

गाजियाबाद़

योगी सरकार गाजियाबाद में भी कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के लिए समीक्षा के निर्देश दिए हैं। यहां के जनसंख्या की बात करें तो 46 लाख 81 हजार साल 2011 की जनगणना के अनुसार है। मौजूदा वक्त में ऑकड़ों में काफी वृद्धि हुई है। इसमें 24 लाख 88 हजार से ऊपर है, जबकि 21 लाख 92 हजार से उपर है। जबकि जिले मे होने वाले अपराध पर नजर डालें तो प्रदेश में 6वें स्थान पर, देश में 31वें स्थान पर हैं। महिला और बाल अपराध के दर्ज मामलों को देखें तो साल 2019 में 2227 मामले दर्ज किए गये थे।

मेरठ

योगी सरकार मेरठ जिले में भी कमिश्नरी प्रणाली को लागू करने के लिए समीक्षा के निर्देश दिए हैं। बात करें यहां के जनसंख्या की तो साल 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या 34 लाख 43 हजार से भी ज्यादा है। वहीं यहां के अपराध की बात करें तो प्रदेश में 9वें नंबर पर है, जबकि देश में 52वें नंबर पर है। महिलाओं और बच्चों पर अपराध की बात करें तो साल 2019 में 1827 मामले दर्ज किए गये थे।

योगी सरकार इन चारों जिलों में बढ़ती जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और सुविधा मुहैया करने के लिए कमिश्नरी प्रणाली लागू करने जा रही है। आपको बता दें कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने पर जिलाधिकारी और एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के कई अधिकार पुलिस अधिकारियों को मिल जाते हैं। कमिश्नर प्रणाली लागू होने पर पुलिस के अधिकार काफी हद तक बढ़ जाते हैं। कानून व्यस्था से जुड़े तमाम मुद्दों पर पुलिस कमिश्नर निर्णय ले सकते हैं।

इससे जिले में जिलाधिकारी के पास अटकी रहने वाली तमाम फाइलों को अनुमति लेने का तमाम तरह का झंझट भी खत्म हो जाता हैं। कमिश्नर सिस्टम लागू होते ही SDM और ADM को दी गई एग्जीक्यूटिव मैजिस्टेरियल पावर पुलिस को मिल जाती है। इससे पुलिस शांति भंग की आशंका में निरुद्ध करने से लेकर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और रासुका तक लगा सकेगी। बिना कमिश्नरी वाले जिलों में फिलहाल ये सब लगाने के लिए डीएम की सहमति जरूरी होती है।

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