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सुल्तानपुर जिले का नाम बदलकर ‘कुश भवनपुर’ करने की तैयारी, योगी कैबिनेट करेगी फैसला

सुल्तानपुर जिले का नाम बदलकर भगवान श्रीराम के बड़े बेटे कुश के नाम पर करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। राजस्व परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिषद ने अपनी संस्तुति शासन को भेज दी है। अब इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट करेगी।

By: RNI Hindi Desk 
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सुल्तानपुर जिले का नाम बदलकर ‘कुश भवनपुर’ करने की तैयारी, योगी कैबिनेट करेगी फैसला

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

सुल्तानपुर: विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर सूबे में जिलों के नाम बदलने की चर्चा तेज हो गई है। नाम बदलने के लिए कई जिलों से प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। इसी कड़ी में सुल्तानपुर जिले का नाम बदलकर भगवान श्रीराम के बड़े बेटे कुश के नाम पर करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। राजस्व परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिषद ने अपनी संस्तुति शासन को भेज दी है। अब इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट करेगी।

आपको बता दें कि सुल्तानपुर के लोग लंबे समय से जिले का नाम बदलकर कुश भवनपुर करने की मांग करते रहे हैं। इस बात को आप ऐसे भी समझ सकतें हैं कि लंभुआ (सुल्तानपुर) के भाजपा विधायक देवमणि द्विवेदी ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया था। सुल्तानपुर के डीएम व अयोध्या के मंडलायुक्त ने गजेटियर में सुल्तानपुर के प्राचीन इतिहास का हवाला देते हुए जिले का नाम कुश भवनपुर करने की सिफारिश शासन व राजस्व परिषद को भेजी थी।

इससे पहले भी अलीगढ़, फिरोजाबाद, देवबंद, गाजीपुर, मिर्जापुर, बस्ती का नाम भी बदलने की मांग की जा रही है। इसके साथ कई जगह से नाम बदलने के लिए प्रस्ताव भी शासन को भेजे जा चुके हैं। सुल्तानपुर जिले का नाम बदलने के प्रस्ताव में कहा गया है कि त्रेता युग में भगवान राम के पुत्र कुश की राजधानी कुश भवनपुर हुआ करती थी। महराज कुश के आगे की पीढ़ियों ने द्वापर तक यहां राज किया और कौरव सेना की ओर से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।

प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि बाद में कुश भवनपुर को सुल्तानपुर कहा जाने लगा। दोनों ही स्तर से जनभावनाओं व ऐतिहासिक तथ्यों के मददेनजर जिले का नाम बदलने की सिफारिश की गई है। विधानसभा चुनाव से पहले कई भाजपा नेता व भाजपा नेताओं के नेतृत्व वाली जिला पंचायतों ने जिलों व शहरों के नाम बदलने की मांग तेज कर दी है।

आपको बता दें कि इससे पहले फिरोजाबाद जिला पंचायत जिले का नाम बदलकर चंद्रनगर करने, अलीगढ़ जिला पंचायत अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ और मैनपुरी जिला पंचायत जिले का नाम बदलकर मयन नगरी करने का प्रस्ताव पास कर चुकी है। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री गुलाब देवी संभल का नाम बदलने की वकालत करती रही हैं। संभल का नाम पृथ्वीराज नगर या कल्कि नगर करने की मांग हो रही है।

इससे पहले प्रदेश की योगी सरकार व केंद्र की मोदी सरकार जिलों, शहरों व प्रतिष्ठित स्थानों का नाम बदलती रही है। योगी सरकार इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या कर चुकी है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मुगलसराय रेलवे जंक्शन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर कर दिया गया था।

इसके बाद इलाहाबाद जंक्शन का नाम बदलकर प्रयागराज जंक्शन, इलाहाबाद सिटी स्टेशन का नाम प्रयागराज रामबाग, इलाहाबाद छिवकी का नाम प्रयागराज छिवकी व प्रयागराज घाट का नाम प्रयागराज संगम किया जा चुका है। प्रदेश सरकार झांसी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन करने का प्रस्ताव भी केंद्र को भेज चुकी है।

 

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