भोपाल में छात्रों के मुद्दे को लेकर मध्य प्रदेश विधानसभा में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस ने दिल्ली में छात्रों के समर्थन में हुए प्रदर्शन और राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध जताते हुए सरकार के खिलाफ आवाज उठाई।
कांग्रेस का कहना है कि दिल्ली में छात्रों के समर्थन में किए गए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अन्य नेताओं के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायक दल ने मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरने के दौरान उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई जारी रखेगी।

इस दौरान कांग्रेस ने भाजपा के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी हमला बोला। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि विधानसभा में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर मंत्री की टिप्पणी उचित नहीं थी और उन्होंने चर्चा से दूरी बनाई। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि धरने पर बैठे विधायकों को दबाव में लेने का प्रयास किया गया।
छात्रों के मुद्दे को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा इन आरोपों को निराधार बता रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।