बिहार विधानसभा चुनाव सर पर हैं और ऐसे में बीजेपी हो या लोजपा या जेडीयू हर पार्टी अपनी जीत देखना चाहेगी और अपनी पार्टी को सत्ता में लाना चाहेगी।
हर पार्टी की तरफ से भरपूर कोशिश की जा रही है कि इस बार बिहार में हमारी ही जीत हो।
बीजेपी कि तरफ से एक बड़ी खबर सामने आई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में 20 रैलियां कर सकते हैं। ये रैलियां 15 दिन में होनी हैं।
15 दिन के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में 20 से ज्यादा चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को अंतिम रूप इस सप्ताह के अंत तक दे दिया जायेगा। शुरुआत भागलपुर और गया से हो सकती है।
इन रैलियों में अहम बात यह है कि पीएम मोदी उन सीटों पर भी प्रचार करेंगे जहां चिराग के उम्मीदवार नीतीश के उम्मीदवारों को चुनौती दे रहे हैं।
मसला ये होगा कि केंद्र सरकार में रामविलास पासवान जो कल शाम तक कैबिनेट मंत्री थे उनका कल शाम लम्बी बीमारी के बाद निधन हो गया।
ऐसे में रैलियों में क्या पीएम लोजपा पर हल्ला बोल पाएंगे या फिर बीच का कोई रास्ता निकाला जाएगा। ये देखना दिलचस्प होगा।
बिहार भाजपा ने एक प्रस्ताव जारी किया। बिहार भाजपा के प्रस्ताव के मुताबिक 20 अक्टूबर के बाद से पीएम मोदी की रैलियां शुरू हो सकती हैं।
इस दौरान 15 दिन के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में 20 से ज्यादा चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। इनमें से कुछ रैलियों में सीएम नीतीश भी उनके साथ मंच पर रहेंगे।
पीएम की रैलियों में बीजेपी और जेडीयू दोनों दलों के उम्मीदवार भी मंच पर रहेंगे।
पीएम मोदी ने पिछले बिहार चुनाव में रिकॉर्ड 31 रैलियां की थीं, जब भाजपा ने राज्य में अकेले चुनाव लड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनावों में, पीएम ने जेडीयू के साथ बिहार में 10 रैलियां की थीं।
आपको बताते चले की इस बार बिहार में राजनीतिक समीकरण दिलचस्प हो गया है ,बीजेपी ने इस बार लोजपा का साथ छोड़ दिया है और नितीश के साथ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
वहीं दूसरी और चिराग पासवान ने भी एलान किया है की 143 सीट पर वो चुनाव लड़ेंगे और जेडीयू के उम्मीदवारो के खिलाफ अपने कैंडिडेट खड़े करेगी। दूसरी और बीजेपी के खिलाफ वो कोई भी प्रचार नहीं करेंगे।
दूसरी और बीजेपी ने भी लोजपा को हिदायत दे दी है की अगर उन्होंने अपने चुनाव प्रचार में बीजेपी और पीएम मोदी जी की तस्वीर का इस्तेमाल किया तो उन्हें कानूनी कार्यवाही के लिए तैयार रहना होगा।
वैसे देखा जाए तो इस बार के बिहार चुनाव में ना ही लालू यादव है क्यूंकि वो जेल में बंद है वहीं राम बिलास पासवान जी का कल देहांत हो गया है ऐसे में इस बार के चुनावों की चमक थोड़ी फीकी सी पड़ गई है।