नई दिल्ली : भोपाल में आयोजित बिरसा मुंडा कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें आदिवासियों से सीखना है। उन्होंने कहा कि पूरे देश के लिए आज बड़ा दिन है। क्योंकि आज आदिवासी नेता और महान स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की जयंती है। पीएम मोदी ने कहा कि कमलापति के योगदान को भी देश नहीं भुला सकता है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के लिए मध्य प्रदेश की सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पहले की सरकारें आदिवासियों को प्राथमिकताएं नहीं देती थी। उन्होंने आगे कहा कि मैंने प्रयास किया उन गीतों को समझने के लिए, क्योंकि मेरा ये अनुभव रहा है कि जीवन का एक महत्वपूर्ण कालखंड मैंने आदिवासियों के बीच बिताया है। मैंने देखा है कि उनकी हर बात में कोई न कोई तत्व ज्ञान होता है। उन्होंने कहा कि Purpose of Life आदिवासी अपने नाच गान में, अपने गीतों में, अपनी परंपराओं में बखूबी प्रस्तुत करते हैं।
इस दौरान पीएम मोदी ने “राशन आपके द्वार” योजना की शुरुआत की। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रतलाम ज़िले में बनने वाले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में राशन आपके ग्राम योजना और हिमोग्लोबिनोपैथी मिशन का शुभारंभ किया।
आपको बता दें कि आदिवासी समाज के तौर पर कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी को टोपी पहनाई गई और तीर-धनुष भेंट किया गया। इसके साथ ही, पीएम मोदी फिर से तैयार किए गए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन भी करेंगे। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रांची में भगवान बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान सह स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि, आजादी के इस अमृतकाल में देश ने तय किया है कि भारत की जनजातीय परंपराओं को, शौर्य गाथाओं को देश अब और भी भव्य पहचान देगा। इसी क्रम में ऐतिहासिक फैसला लिया गया है कि आज से हर साल देश 15 नवंबर यानी भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि, हमारे जीवन में कुछ दिन बड़े सौभाग्य से आते हैं, और जब ये दिन आते हैं तब हमारा कर्तव्य होता है कि उनकी आभा, उनके प्रकाश को अगली पीढ़ियों तक और ज्यादा भव्य रूम में पहुंचाए। आज का ये दिन ऐसा ही पुण्य-पुनीत का अवसर है।