बालाघाट जिले के खैरलांजी क्षेत्र में जमीन सीमांकन को लेकर चल रहा पुराना विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। यह मामला उस समय चर्चा में आ गया जब कांग्रेस के पूर्व सांसद विश्वेश्वर भगत द्वारा दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत पर सवाल उठने लगे।
शिकायत में चार लोगों पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। लेकिन आरोप है कि इनमें शामिल एक व्यक्ति का निधन करीब डेढ़ साल पहले हो चुका है। इस जानकारी के सामने आने के बाद शिकायत की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विवाद बढ़ने पर विरोधी पक्ष ने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति का निधन 24 जनवरी 2024 को हो चुका है, ऐसे में उसका नाम शिकायत में कैसे शामिल हुआ, यह जांच का विषय है। वहीं पूर्व सांसद विश्वेश्वर भगत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी मृत व्यक्ति के खिलाफ शिकायत नहीं की है।

फिलहाल मामला पूरी तरह जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायत में नाम कैसे शामिल हुआ—क्या यह किसी लिपिकीय त्रुटि का परिणाम है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जमीन विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। शिकायत की विश्वसनीयता और दस्तावेज़ी त्रुटि को लेकर विभिन्न स्तरों पर बहस जारी है।