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इस राज्य में शादी से पहले ही लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं लोग, 105 जोड़ों ने रचाई शादी

By: Amit ranjan 
Updated:
इस राज्य में शादी से पहले ही लिव इन रिलेशनशिप में रहते हैं लोग, 105 जोड़ों ने रचाई शादी

नई दिल्ली : शादी से पहले लिव इन रिलेशनशिप में रहना आज कल एक मॉडर्न परंपरा बन गई है, जिसे लेकर कई बार लोग उन सिंगलों का भी मजाक उड़ाते हैं, जो अब तक सिंगल है। हालांकि भारत में अभी भी इस तरह के संबंध को स्वीकार नहीं किया गया है। क्योंकि यहां संबंध का मतलब सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि सात जन्मों का बंधन यानी शादी होती है।

अभी तक आपने सिर्फ विदेशों के बारे में ही सुना होगा कि वहां के लोग शादी से पहले भी लिव इन रिलेशनशिप में रहते है। लेकिन भारत में भी एक ऐसा राज्या है, जहां के लोग शादी से पहले लिव इन रिलेशनशिप में रहते है। हम बात कर रहें है झारखंड के खूंटी की। जहां हाल ही 105 जोड़े ने लिव इन रिलेशनशिप में रहने के कई साल बाद शादी की।

क्या है उनके शादी करने का कारण
खबरों की मानें तो ये गरीबी के कारण शादी नहीं कर पा रहे थे। साथ ही वे शादी करने और गांव वालों को शादी का भोज खिलाने में असमर्थ थे। समाज में इन लोगों का ढुकू के नाम से तिरस्कार किया जाता था। इन लोगों को किसी भी तरह के सामाजिक कामों से दूर रखा जाता था। सरकारी सुविधा भी इन्हें नहीं मिल पाती थीं। खैर, अब इन लोगों को सामाजिक स्तर पर न्याय मिला है। इस दौरान राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू और केन्द्रीय सचिव एन एन सिन्हा ने आशीर्वाद दिया है। विवाह समारोह में डीसी एसपी सहित पूरे प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।


आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने वर्चुअल आशीर्वाद के साथ-साथ इनको सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर केन्द्र सरकार के सचिव एनएन सिन्हा ने भी जेएसएलपीएस के माध्यम से इनको जोड़ कर स्वावलंबी बनाने का घोषणा की। विवाह समारोह सरना धर्म के अनुसार संपन्न हुआ जिसमें जिले के डीसी, एसपी सहित सभी अधिकारियों ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया।

आपको बता दें कि इन जोड़ों को सामाजिक मान्यता दिलाने का बीड़ा निमित नामक संस्था ने उठाया हैं। उन्होंने लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे 105 जोड़ों को वैवाहिक बंधन तक पहुंचाया। जिससे अब इन जोड़ों को ढुकू की संज्ञा से मुक्ति मिल गई। बता दें कि 2017 से 5 साल के लगातार प्रयास के बाद निमित संस्था लोगों को समझाने में कामयाब हुई। सुदूर बीहड़ों में अति पिछड़े समाज के लोग गरीबी की वजह से शादी समारोह कर लोगों को खाना पीना नहीं खिला पाते हैं।

कई बार यहां प्रेमी जोड़े शादी तो कर लेते हैं लेकिन जब प्रेमी जोड़े समाज में लोगों को शादी भोज खिलाने में असमर्थ रहते हैं तो उन्हें बिना शादी के ही लिव इन में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसकी वजह से इनकी मजबूरी को सामाजिक कुरीतियों की ऐसी मार पड़ती है कि इन्हें समाज में ढुकू के नाम से बुलाया जाता है। सामाजिक समारोह में शामिल होने का अधिकार छीन लेते हैं और लोगों के ताने सुनने पड़ते हैं।

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