मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सौहार्द सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि त्योहार सामाजिक सद्भाव के प्रतीक हैं और सभी नागरिक प्रेम, भाईचारे और विश्वास के साथ पर्व मनाएं- इसके लिए मैदानी पुलिस अधिकारियों और बल को अतिरिक्त सजगता, सतर्कता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभानी होगी।
रविवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय, भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आगामी सभी त्योहारों के मद्देनज़र विशेष निगरानी और ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, डीजीपी कैलाश मकवाना, एडीजी इंटेलिजेंस ए. साईं मनोहर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी रेंज आईजी, डीआईजी, पुलिस कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक वीसी से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि होलिका दहन केवल गैर-विवादित स्थलों पर ही सुनिश्चित किया जाए। त्योहारों के दौरान पुलिस सूचना-तंत्र को और सक्रिय किया जाए, पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और किसी भी घटना पर क्विक रिस्पांस सुनिश्चित हो। छोटी से छोटी घटना को भी तत्काल संज्ञान में लेने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे आगामी दिनों में पुलिस थानों और कार्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे। थानों के कार्य-व्यवहार और पब्लिक फीडबैक के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। कानून-व्यवस्था से जुड़ी हर कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए परीक्षा केंद्रों और हॉस्टलों की निगरानी बढ़ाई जाए। त्योहारों में यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से अधिक किराया वसूली की शिकायतों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शुष्क दिवस के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को नक्सल-मुक्त बनाने के लिए पुलिस विभाग की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पुलिस की समर्पित कार्यवाही और निष्ठा का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने समाज के प्रभावशाली और जिम्मेदार नागरिकों को शांति समिति में जोड़ने, निरंतर संवाद बनाए रखने और जनता में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के निर्देश दिए। सभी मैदानी अधिकारियों ने बताया कि शांति समिति बैठकों और सतत संवाद के जरिए व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि शासन-प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ नागरिकों की सुरक्षा में तत्पर है, ताकि प्रदेश में सभी त्योहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों।