मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सरकारी धान के भंडारण को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर खरीदी केंद्रों पर हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। बारिश और उचित संरक्षण के अभाव में धान खराब होने लगा है।
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई स्थानों पर धान के ढेरों से पौधे उगते दिखाई दे रहे हैं। यह तस्वीरें अनाज के सही तरीके से रखरखाव नहीं होने की ओर इशारा कर रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते धान का उठाव और सुरक्षित भंडारण किया जाता तो नुकसान से बचा जा सकता था।
सरकार किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदकर उसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों को सौंपती है। लेकिन पन्ना में सामने आई स्थिति ने भंडारण व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि धान खराब होने से शासन को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है।

मामला सामने आने के बाद खाद्य विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत और जानकारी मिलने के बाद विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने एक बार फिर सरकारी व्यवस्थाओं और अनाज संरक्षण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जांच के बाद जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।