राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कहा है कि इस कानून से किसी को खतरा नहीं है। देश में मुस्लिम समुदाय को भ्रमित करने की साजिश की गई है। उनके इस बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ओवैसी ने कहा कि हम बच्चे नहीं है कि हमें ‘भटका’ दे। बीजेपी ने सीएए और एनआऱसी का एक साथ क्या अर्थ है ये नहीं बताया। अगर यह मुसलमानों के बारे में नहीं है, तो कानून से धर्म के सभी संदर्भों को हटा दें? ये बात जान लें कि जब तक कानून में हमें अपनी भारतीय साबित करने की बात होगी तब हम इसका बार-बार विरोध करेंगे। हम उस तरह के सभी कानून का विरोध करेंगे, जिसमें लोगों की नागरिकता धर्म के आधार पर तय की जाएगी”
ओवैसी ने कहा, बिहार चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस और आरजेडी पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा, ‘मैं कांग्रेस, आरजेडी और उनके क्लोन से भी यह स्पष्ट कर दूं कि सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के दौरान आपकी चुप्पी लोग भूलेंगे नहीं। जब बीजेपी नेता सीमांचल के लोगों को घुसपैठिए करार दे रहे थे तो आरजेडी और कांग्रेस ने अपना मुंह बंद कर रखा था। उन्होंने कुछ नहीं बोला।
आरएसएस के प्रमुख वार्षिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, नागरिकता संशोधन कानून भी संसद की पूरी प्रक्रिया के बाद पास हुआ। पड़ोसी देशों में दो तीन देश ऐसे हैं, जहां सांप्रदायिक कारणों से उस देश के निवासियों को प्रताड़ित करने का इतिहास है। उन लोगों को जाने के लिए दूसरी जगह नहीं है, भारत ही आते हैं। विस्थापित और पीड़ित यहां पर जल्दी बस जाएं, इसलिए अधिनियम में कुछ संशोधन करने का प्रावधान था। जो भारत के नागरिक हैं, उनके लिए कुछ खतरा नहीं था।”