लखनऊ: उत्तर प्रदेश को छलनी करने वाला, उत्तर प्रदेश को दहलाने वाला, यूपी में कोहराम मचाने वाला और सरेआम बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय पर 500 से ज्यादा गोलियों की बौछार करवाने वाला पूर्वांचल का माफिय़ा, डॉन मुख्तार अंसारी की एक बार फिर वापसी होने वाली है।
जी हां, 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव में मुख्तार एक बार फिर अपना पर्ची दाखिल कर सकता है। लेकिन इस बार BSP नहीं, SP नहीं मुख्तार के पर्चे पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का चिन्ह होगा। मसलन, मुख्तार को इस बार बीजेपी से अलग होकर अपनी सुहेलदेव भारतीय समाजपार्टी बनाने वाले ओमप्रकाश राजभर अपना उम्मीदवार बनाने वाले है।
बीते दिन इस बाबत ओपी राजभर बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी से मिलने जेल पहुंचे थे। राजभर ने मुख्तार से मिलकर उनके पार्टी से उम्मीदवार बनाने का इच्छा जाहिर की। राजभर के मुताबिक अंसारी जहां से चाहते है उनकी पार्टी उनकों वहां से चुनाव मैदान में उतारेगी।

राजभर ने कहा था, मुख्तार जनता के वोट से चुनाव जीतते हैं। अगर वे माफिया होते तो लोग वोट क्यों देते? इस नाते मुख्तार अंसारी गरीबों का मसीहा है। उन्होंने कहा, जहां तक जेल में बंद होने का सवाल है, तो किसी पर भी केस दर्ज हो, उसे जेल जाना पड़ेगा। लेकिन उन्हें अभी तक सजा नहीं हुई है।
लेकिन इन सबके बीच सवाल ये है कि क्या सत्ता की कुर्सी में अंधे होकर क्या ये नेता जेल में बंद किसी भी अपराधी को अपना उम्मीदवार बना सकते है। क्योंकि अगर ऐसा है तो ये देश की जनता के लिए बेहद घातक होने वाला है। राजभर, जिस अंसारी को टिकट देने की बात कर रहे हैं, शायद वो उनपर लगे संगीन आरोपों को अनदेखा कर रहे है। जिसकी वजह से यूपी की जनता को कई सालों तक इनके खौफ के सांये में जीना पड़ा था। खैर, यूपी का ये सियासी दंगल और क्या दांव पेच दिखाता है ये तो आने वाला समय ही बताएगा।