इंदौरः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भारतरत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर डॉ. अंबेडकर नगर, में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बाबा साहब की जयंति के अवसर पर सभी का अभिनंदन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सच में आज एक ऐसे महापुरुष के जन्मस्थल पर तीर्थ के रूप में हम सब उनकी जयंती मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं। ऐसे भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती जिन्होंने 20वीं शताब्दी में एक हजार साल की गुलामी के काल के सारे कांटों को ढूंढकर जिसके कारण भारत कमजोर हुआ उनके खात्मे के लिए लड़ाई लड़ी। समाज में जब तक समानता का भाव में नहीं आएगा, छोटे से छोटा व्यक्ति, दबा कुचला समाज समानता के भाव से न आए इस बात की लड़ाई डॉ. भीमराव अंबेडकर ने लड़ी है।

बाबा भीमराव अंबेडकर के उन कामों को भी स्मरण कर रहा हूं जिनके कारण से हम सब गौरवान्वित होते हैं। बाबा साहब के पास 32 डिग्रियां, 36 उपाधि, 64 प्रकार के उनके अपने सब्जेक्ट और 9 भाषाओं के जानकार थे। सीएम ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के लिए गए निर्णय और उनके योगदान को भी स्मरण करने के लिए माताओं बहनों को भी स्मरण करते हैं। महिलाओं को संपत्ति में उत्तराधिकार का हक दिया जाय, तलाक का अधिकार भी माता बहनों को मिलना चाहिए यह डॉ. भीमराव जी ने तय कराया था। प्रसूती माता बहनों को नौकरी में छूट, समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए यह अधिकार भी डॉ. अंबेडकर ने दिलाया। डॉ. अंबेडकर ने माता बहनों की लड़ाई के लिए स्वयं की कुर्सी को लात मार दी।

इसी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व इसी सप्ताह माता बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने जा रहे हैं। बाबा साहब के जीवन के पांच पड़ाव जहां-जहां हैं हरेक स्थान से हमारी सरकारों के माध्यम से तीर्थ बनाकर हमने उन्हें नमन किया है। हमारी सरकार के माध्यम से अंतर्जातीय विवाह को प्रोत्साहन देते हुए प्रत्येक जोड़ों को 2 लाख रुपए दे रही है। जातिगत असमानता के खिलाफ हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। हमने अपनी सरकार का 1/3 बजट देने का निर्णय लिया है।