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पिता रामविलास की जयंती पर चिराग ने किया चाचा पशुपति के साथ जंग का ऐलान, लगाये कई गंभीर आरोप

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : लोजपा के पूर्व मुखिया और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती पर आज पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। एक तरफ जहां पीएम मोदी अपने इस दोस्त को याद कर भावुक हो रहे है। वहीं बेटे चिराग ने अपने चाचा पशुपति पारस के साथ जंग का ऐलान कर दिया है। एक निजी चैनल को दिये हुए इंटरव्यू में चिराह ने अपने चाचा पर कई गंभीर आरोप लगाये।

चिराग का चाचा पर आरोप

एलजेपी नेता चिराग पासवान ने कहा कि ‘दो साल पहले मेरे चाचा का निधन हुआ, उसके बाद पिताजी चल बसे। इससे पूरे परिवार की जिम्मेदारी मेरे चाचा पशुपति कुमार पारस पर आ गई। उनकी जिम्मेदारी रही कि वह परिवार और पार्टी को साथ लेकर कैसे आगे चलें। मैं चाचा पशुपति में मैं अपने पिता की छवि देखता रहा। लेकिन जिस तरीके से उन्होंने परिवार को धोखा दिया और जब सबसे ज्यादा मुझे उनकी जरूरत थी तब उन्होंने मेरा साथ छोड़ा।’

चिराग ने आगे कहा कि ‘इस वक्त परिवार में ऐसे बहुत कम लोग बचे हैं जो मुश्किल वक्त में मेरा साथ दें। मेरे चाचा और मेरा भाई मुझसे अलग हो गए हैं। एक केवल मेरी मम्मी हैं जिनके आशीर्वाद से मैं बना हुआ हूं। वह पिताजी के जाने के बाद ढाल बनकर मेरे पीछे खडी हैं। वह इस वक्त मां और पिताजी दोनों का फर्ज निभा रही हैं।’

श्रद्धांजलि दिल से दी जाती है

चिराग ने चाचा पशुपति पारस पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘जहां तक चाचा जी का कहना है कि आशीर्वाद यात्रा की जगह श्रद्धांजलि यात्रा होनी चाहिए तो मैं इतना ही कहूंगा कि श्रद्धांजलि दिखाने की चीज नहीं है। यह दिल से दी जाती है। मेरी भावनाएं मेरे दिल में है। मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर यह मुश्किल वक्त है, इसलिए ऐसे वक्त में मुझे जनता के साथ की जरूरत है। मैं इस यात्रा के जरिए कुछ आंकने की कोशिश में नहीं हूं। इस वक्त परिवार का मेरे साथ कोई नहीं है ऐसे वक्त में जनता के पास जाने से बेहतर विकल्प कुछ नहीं है।’

मुझे प्रधानमंत्री के साथ की उम्मीद

चिराग पासवान ने कहा कि ‘आज ईमानदारी से कहूंगा कि जिस तरह से परिवार की बातें जिस तरह से सार्वजनिक मंचों पर हो रही है उससे मैं बहुत ज्यादा सहज महसूस नहीं करता। मैंने अंत तक कोशिश की कि परिवार की बातें अंदर रहे, इसलिए मैं चाचा से मिलने भी गया। लेकिन ये बातें अब इतनी ज्यादा पब्लिक डोमेन में आ गई है उसके बाद कुछ कहने की जरूरत नहीं है। मैं इतना जरूर कहूंगा कि इस वक्त मैं जिस कठिन वक्त से गुजर रहा हूं ऐसे में मुझे उम्मीद है कि मुझे मेरे प्रधानमंत्री का साथ जरूर मिलेगा। मेरे पिताजी अंतिम सांस तक प्रधानमंत्री के साथ रहे।’

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