एनएसजी परिसर का उद्घाटन करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, युद्ध हथियार से नहीं बहादुरी से जीते जाते हैं। बता दे नागरिकता संशोधन कानून पारित होने के बाद गृहमंत्री पहली बार कोलकाता पहुंचे हैं।
वही सीएए के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, जो लोग राष्ट्र को विभाजित करना चाहते हैं और इसकी शांति को रोकना चाहते हैं, उन्हें एनएसजी की उपस्थिति से डरना चाहिए। अगर वे तब भी आते हैं तो उनसे लड़ना और उन्हें हराना एनएसजी की जिम्मेदारी है।
हम पूरी दुनिया में शांति चाहते हैं। हमारे 10,000 वर्षों के इतिहास में भारत ने कभी किसी पर हमला नहीं किया। हम किसी को भी अपनी शांति में खलल डालने की इजाजत नहीं देंगे और जो भी जवानों की जान लेगा, उसे इसका भुगतान करना पड़ेगा।
रैली के दौरान गृहमंत्री ने कहा, ‘पांच साल के अंदर एनएसजी ने भारत सरकार से जो अपेक्षाएं रखी हैं, वो सारी की सारी अपेक्षाओं की पूर्ती मोदी जी के नेतृत्व में भारत सरकार सुनिश्चित रूप से करेगी। एनएसजी ने अपनी स्थापना से आज तक अपने जवानों के सर्वोच्च बलिदान से न केवल सरकार बल्कि देश और दुनिया में और विशेषकर भारतीय जनता में एक भरोसा अर्जित करने में बड़ी सफलता प्राप्त किया है।’