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Tejashwi के वादे पर बंटी नीतीश पुलिस, जमकर हुई हाथापाई

By: RNI Hindi Desk 
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Tejashwi के वादे पर बंटी नीतीश पुलिस, जमकर हुई हाथापाई

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

नई दिल्ली: बिहार की राजनीति और बिहार की पुलिस कब क्या कदम उठा लेगी इसका अनुमान किसी को भी नहीं होता है। बिहार की राजनीति हमेशा अपने उफान पर ही रहती है। इस वक्त ताजा मामला शिक्षक अभ्यर्थियों का उफान पर है। बिहार में ही यह उदाहरण देखने को मिला है, जहां पुलिस भी पार्टियों की ही हो गई है। आपको बता दें कि राजधानी पटना में गुरुवार को नीतीश कुमार की पुलिस बनाम तेजस्वी तेजस्वी की पुलिस देखने को मिली।

बुधवार को शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रात में सड़क पर थे और गुरुवार सुबह उनके आवास के बाहर पुलिस का बंटवारा हो गया। एक तरफ सचिवालय थाना की पुलिस भीड़ को तेजस्वी यादव के घर के बाहर से हटा रही थी। वहीं दूसरी तरफ  पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के हाउस गार्ड इस बात पर भड़क गए। जिसके बाद सचिवालय एसएचओ और राबड़ी देवी के आवास की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी आपस में भिड़ गए।

मजे की बात तो यह है कि पुलिसकर्मियों के बीच आपस में ही तू-तू मैं-मैं होने लगी। हालात बिगड़ते चले गए कि राबड़ी देवी के आवास के बाहर तैनात पुलिस के जवान और सचिवालय थाना की  पुलिस के जवान आपस में ही भिड़ गए। तू-तू, मैं-मैं से बढ़ा मामला हाथा-पाई तक पहुंच गया। हालांकि इस घटना के लेकर नीतीश कुमार पर विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक भोला यादव ने कहा कि मामले में डीजीपी हस्तक्षेप करें। जानबूझकर तेजस्वी के लोगों को परेशान किया जा रहा है।

दरअसल, शिक्षा विभाग ने 15 जून 2020 को जारी अपने एक आदेश में बताया कि 94000 शिक्षक बहाली की प्रक्रिया में डीएलएड कोर्स पास उम्मीदवारों का ही आवेदन लिया जाएगा और दिसंबर 2019 में पास हुए कम्बाइन्ड टीईटी अभ्यार्थियों को नियोजन कार्यक्रम में शामिल होने का मौका नहीं मिलेगा। जिसके बाद अभ्यर्थी हाईकोर्ट की शरण में पहुंच गये।

इस मसले पर पटना हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर 2020 को मामले में सुनवाई करते हुए इस रोक को हटा दिया था। आदेश में कोर्ट ने कहा था कि 23 नवंबर 2019 के पहले सीटीईटी परीक्षा में पास उम्मीदवार भी बहाली प्रक्रिया में शामिल होंगे। कोर्ट ने सरकार को दिए फैसले में कहा कि वे शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से पूरी करें। लेकिन नीतीश कुमार की सरकार इस मसले पर अभी तक विचार नहीं किया है। जिसको लेकर छात्र राजधानी पटना में आंदोलनरत हैं।

तेजस्वी यादव बुधवार को धरना स्थल पर आंदोलकारी शिक्षकों के बीच भी पहुंचे। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि शिक्षा मंत्री अपने घर में क्यों दुबके बैठे है? दो-दो उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री 94000 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर क्यों नहीं बोल रहे हैं? तेजस्वी इस मामले को उठाकर सरकार पर जबरदस्त हमला बोल रहें हैं।  जबकि सरकार की तरफ से किसी भी नेता या मंत्री का बयान नहीं आया है।

 

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