रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: तीनों नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने मंगलवार को गणतंत्र दिवस के दिन उग्र रुप अपना लिया है। किसानो के इस आंदोलन में निहंग फौज ने भी भाग लिया, जिससे आंदोलन और रुप और उग्र हो गया। आंदोलन में उपद्रवियों ने जैसे ही तहलका मचाना शुरु किया केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए दिल्ली के चार मेट्रो स्टेशन सहित कई इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद कर दी। वहीं दिन की बात करें तो इस उग्र आंदोलन में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार झड़प भी देखने को मिली।

मंगलवार को गणतंत्र दिवस आंदोलन के नाम पर हुए हिंसा में दिल्ली आईटीओ के पास ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गई है। जो सोशल मीडिया पर दिन भर छाया रहा।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह तस्वीर गाजीपुर बॉर्डर से कुछ दूर आगे पांडवनगर के पास पुलिस की बताई जा रही है। जहां लगाए बैरिकेड्स तोड़ने के बाद कुछ इस अंदाज में निहंग फौज का सदस्य नजर आया।

रिंग रोड पर खड़ी बस को हटाने के लिए प्रदर्शनकारी अपने ट्रैक्टर से धक्का मार रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारयों की पुलिस से झड़प भी हुई थी।

गाजीपुर बॉर्डर से कुछ दूर आगे पांडवनगर के पास पुलिस के लगाए बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश करते हुए किसान, जिसके लिए वे अपने ट्रैक्टर से डिवाइडर को हटा रहे थे।

सुबह से ही यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो रिंग रोड के पास आंसू गैस के गोले छोड़ने के बाद की बताई जा रही है, जिसमें प्रदर्शनकारी पुलिस के ऊपर तलवार लहराता दिखाई दे रहा है।

दिनभर में कई बार प्रदर्शनकारियों से पुलिस की सीधी झड़प हुई। प्रदर्शनकारी पुलिस को लेकर पूरी तरह से निडर बने हुए हैं। कुछ ऐसी ही तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें पुलिस अधिकारी और एक प्रदर्शनकारी आमने-सामने नजर आ रहे हैं।।

लाल किले पर एक प्रदर्शनकारी ने निहंग फौज का झंडा भी फहराया
दिल्ली पुलिस का जवान हाथ जोड़कर प्रदर्शनकारियों से कह रहा था कि मुझे छोड़ दीजिए। इस तरह की तस्वीर दिनभर में कई स्थानों पर देखने को मिली। जहां प्रदर्शनकारियों के सामने पुलिस असहाय महसूस कर रहे थे।