रिपोर्ट : मोहम्मद आबिद
कोरोना वायरस के समय में तब्लीगी जमात सुर्खियों में थी और अब एक बार फिर से तब्लीगी जमात सुर्खियों में आ गई है। जहां तब्लीगी जमात समेत पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधियों को लेकर नई नियम जारी कर दिए हैं बतादें की गृह मंत्रालय ने अपने एक नए नियम का हवाला देते हुए कहा है की आगर कोई ओसीआई कार्डधारक भारत में किसी तरह की रिसर्च, मशनरी या तबलीग या फिर पत्रकारिता से जुड़ी कोई गतिविध शुरू करना चाहता है तो उसे प्रशासन से खास परमिशन लेने की आवश्यकता होगी।

गृह मंत्रालय का कहना है कि अगर ऐसी कोई गतिविधि शुरू करनी है तो Foreign Regional Registration Office (FRRO) से खास अनुमति लेनी पड़ेगी। बतादें की ओवरसीज़ भारतीय अगर किसी फॉरेन मिशन के साथ काम करना या किसी ऐसे इलाके में जांच पड़ताड़ या काम से जाना चाहते हैं जिसे सुरक्षित रखा गया है तो उसके लिए ऐसी परिस्थितियों में अनुमति लेने की आवश्यता होगी।

वहीं इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने कहा है की इसके अलावा अगर अगर पते में कोई बदलाव है तो ओसीआई कार्डहोल्डर्स को ये जानकारी FRRO को देनी होगी जिससे किसी भी परेशानी से निकला जा सके। वहीं कई लोग इन नियमों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि सरकार इसमें तबलीग यानी कि एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम और पत्रकारिता का जिक्र एक लाइन में रखा है। पिछले साल कोरोना वायरस को फैलाने के लोकर तबलीगी जमात के लोग चर्चा में आए थे। दिल्ली में मार्च में इनकी काफी निंदा हुई थी.।देशभर में इनसे जुड़े कोरोना के कई मामले मिले थे।
ओसीआई कार्ड होल्डर के क्या हैं नियम
अगर हम ओसीआई कार्ड होल्डर की बात करें तो यानी भारतीय मूल के वो लोग जिनके पास किसी दूसरे देश की नागरिकता है तो ओसीआई कार्ड के जरिए भारत में कुछ अधिकार प्राप्त होते हैं।बतादें कि भारतीय संविधान में दो देशों की नागरिकता रखने का नियम नहीं बल्कि नागरिकता के नियमों से मिलता जुलता ओसीआई नियम है।