Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के नीमच जिले में न्याय की गुहार लगा रही एक दिव्यांग महिला का दर्द सामने आया है। दरसअल पति पर प्रताड़ना, धोखाधड़ी से कृषि भूमि अपने नाम करवाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मुन्नीबाई अब न्याय के लिए सड़क पर उतर आई हैं। जिसके बाद महिला ने सड़क पर रेंगते हुए भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास तक न्याय यात्रा शुरू करने का ऐलान किया है। जिसमें उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।
ग्राम खजुरी जोरावर सिंह निवासी मुन्नीबाई पत्नी बंशीलाल चमार ने मनासा में पत्रकारों के सामने अपनी आपबीती बताई। महिला मूक-बधिर होने के साथ दिव्यांग भी हैं। जिसमें उनका आरोप है कि पति के किसी अन्य महिला से संबंध हैं और वह उन्हें अपने तीन बच्चों के साथ बेसहारा छोड़कर चला गया है। पीड़िता का ये भी कहना है कि उसके बच्चों के नाम मुकेश, शांतिलाल और गोपाल हैं।
मुन्नीबाई ने बताया कि ससुर की मृत्यु के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए कृषि भूमि सर्वे नंबर 112/2/2, रकबा 0.48 हेक्टेयर मिली थी। जिसमें आरोप है कि पति ने पहले समाज के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए जमीन पत्नी के नाम करवाई, लेकिन बाद में धोखाधड़ी से राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव करवाकर दोबारा अपना नाम दर्ज करवा लिया।

महिला का आरोप है कि पति अब उसकी सहमति के बिना कृषि भूमि और मकान बेचने की कोशिश कर रहा है। विरोध करने पर उसे और उसके बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। जिसके बाद पीड़िता ने प्रशासन से जमीन की बिक्री पर रोक लगाने और राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम दोबारा दर्ज कराने की मांग की है।
पीड़िता का कहना है कि उसने पहले मनासा थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। यहां भी सुनवाई नहीं होने से उसने भोपाल जाकर मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का फैसला लिया।
ऐसे में मामले की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला से चर्चा की। एसडीएम ने मामले की जांच करवाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद मुन्नीबाई ने स्पष्ट कहा कि यदि दो घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होती है तो वह दोबारा अपनी न्याय यात्रा शुरू कर देंगी। पीड़िता ने प्रशासन से अपने और बच्चों की सुरक्षा, भरण-पोषण तथा कृषि भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की मांग की है। इस दौरान यूथ कांग्रेस मंदसौर के जिला महासचिव पंकज कटारिया सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
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