Madhya Pradesh News: केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी हरदीप सिंह पुरी ने आज शनिवार को भोपाल में कई धार्मिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। बता दें इस दौरान उन्होंने धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर संतों का आशीर्वाद लिया और गुरुद्वारे में मत्था टेककर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
भोपाल प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सबसे पहले करुणा धाम आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने आश्रम के पीठाधीश्वर गुरुदेव श्री सुदेश शांडिल्य महाराज से मुलाकात की। वहीं, इस दौरान उन्होंने गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त किया और धार्मिक विषयों पर चर्चा की। इसके बाद श्री पुरी अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने मत्था टेका और अरदास कर देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
धार्मिक कार्यक्रमों के बाद हरदीप सिंह पुरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल के साथ भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही। नेताओं ने संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर एकजुटता का संदेश दिया।

बता दें कई कार्यक्रमों में सहभागिता के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी विधानसभा पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में उन्होंने मध्यप्रदेश से राज्यसभा प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ला, सांसद विष्णुदत्त शर्मा, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जानकारी के लिए बता दें हरदीप सिंह पुरी के नामांकन के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। जिससे पूरे कार्यक्रम में पार्टी नेताओं की एकजुटता और प्रत्याशी के प्रति समर्थन नजर आया। भोपाल में धार्मिक कार्यक्रमों से लेकर नामांकन तक केंद्रीय मंत्री का कार्यक्रम राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।